Friday , December 15 2017

ईरान पर हमले की सूरत में इसराईल पर जवाबी हमला का इंतिबाह

इसराईल यक़ीनी तौर पर होलनाक ( खतरनाक) जवाबी हमला का सामना करेगा अगर वो ईरान की न्यूक्लियर तंसीबात पर हमले करे। ईरान के ताक़तवर इन्क़िलाबी मुहाफ़िज़ीन ( क्रांतीकारी रक्षक) के कारगुज़ार कमांडर ने आज इंतिबाह (चेतावनी) दिया ।

इसराईल यक़ीनी तौर पर होलनाक ( खतरनाक) जवाबी हमला का सामना करेगा अगर वो ईरान की न्यूक्लियर तंसीबात पर हमले करे। ईरान के ताक़तवर इन्क़िलाबी मुहाफ़िज़ीन ( क्रांतीकारी रक्षक) के कारगुज़ार कमांडर ने आज इंतिबाह (चेतावनी) दिया ।

ये तब्सिरा जनरल हुसैन सलामी की जानिब से किया गया जो ईरान पर हमला की सूरत में इसकी जवाबी तैयारीयों के बारे में ब्यान का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा कि ईरान पर किसी भी हमला के नतीजा में इलाक़ाई जंग छिड़ सकती है, जिस में ईरान अपनी भरपूर ताक़त इस्तेमाल करेगा।

लेबनान की अस्करीयत पसंद तंज़ीम ( आतंकवादी संगठन/militants) हिज़्बुल्लाह ग्रुप भी ईरान की ताईद ( समर्थन) में इसराईल की सरहदों पर कार्यवाहीयां करेगा। ईरान का मुश्तबा न्यूक्लियर प्रोग्राम बैन-उल-अक़वामी ( अंतर्राष्ट्रीय) एजेंडा पर सर-ए-फ़हरिस्त हैं और ईरान पर दबाओ में भी इज़ाफ़ा हो गया है।

इसराईल ने धमकी दी है कि वो ईरान की न्यूक्लियर तंसीबात पर हमला कर देगा अगर ईरान यूरेनियम की अफ़ज़ोदगी का अमल तर्क ना करे, जिस के नतीजा में न्यूक्लियर हथियारों की तैयारी की राह हमवार हो सकती है। मग़रिबी ममालिक और इसके हलीफ़ों को अंदेशा है कि ईरान के अज़ाइम (स‍ंकल्प) एटमी हथियारों की तैयारी के हैं, जिसके लिए वो पुरअमन न्यूक्लियर प्रोग्राम का बहाना कर रहा है।

लेकिन ईरान ने बार बार इस इल्ज़ाम की तरदीद ( खंडन) करते हुए कहा है कि इस का न्यूक्लियर प्रोग्राम बर्क़ी तवानाई की पैदावार और कैंसर के ईलाज जैसे पुरअमन मक़ासिद से है। जनरल सलामी ने नियम सरकारी ख़बररसां इदारा अस्मा पर कहा कि ईरान आलमी जंग के लिए भी तैयार है।

उन्होंने कहा कि अगर सीहोनी ममलकत ईरान पर हमला करे तो ईरान को सीहोनी ममलकत को तबाह करने का मौक़ा मिल जाएगा। उन्होंने इसराईल का नाम नहीं लिया लेकिन इस का रास्त ( सीधा) इशारा उसी की तरफ़ था। उन्होंने कहाकि इसराईल का दिफ़ाई निज़ाम ( Defence Administration) बड़ी और तवील मुद्दती जंगों का मुतहम्मिल (सहनशील) नहीं हो सकता क्योंकि उसकी मंसूबा बंदी ऐसी नहीं की गई है।

इनकी धमकीयां सिर्फ़ नफ़सियाती जंग हैं और अगर वो हदूद की ख़िलाफ़वरज़ी करके अपनी धमकीयों पर अमल आवरी करें तो उन्हें यक़ीनन तबाह कर दिया जाएगा। सलामी शहरी दिफ़ाई मश्क़ों के मौक़ा पर तेहरान में तक़रीबन 15 हज़ार नियम फ़ौजी जंगजूओं से जिन्हें बासीजी कहा जाता है, ख़िताब कर रहे थे।

इन नीम फ़ौजी जंगजूओं पर पासदार इन इन्क़िलाब का कंट्रोल होता है। इन जंगजूओं की फ़ौजी मश्क़ों का नाम इल्ला बैत-उल-मुक़द्दस रखा गया है। जिस का मतलब धमकीयों और नक़ली फ़ौजी धावओं के ख़िलाफ़ दिफ़ा ( हिफाजत) करने की मश्क़ होता है।

जनरल सलामी ने कहा कि हम ने अपनी हिफ़ाज़त और दिफ़ा (बचाव) के लिए आलमी मयार का इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है और बड़े पैमाने पर आलमी जंग के लिए भी तैयार हैं। हमारा दिफ़ाई निज़ाम इस में नाकाम नहीं हो सकता।

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