Wednesday , December 13 2017

ईरान में गै़रक़ानूनी तौर पर कैद‌ दो हिंदुस्तानी रिहा

ईरान के ज़ंजान शहर में जिन दो हिंदुस्तानियों को मुबय्यना तौर पर एक गेस्ट हाउस‌ में कैद‌ रखा गया था, उन्हें रिहा कर दिया गया। एक ख़ानगी इंजीनियरिंग कंपनी ने उन्हें कैद‌ कर रखा था जिन में वडोदरा का साकिन 36 साला संकेत पंड्या और हरियाणा

ईरान के ज़ंजान शहर में जिन दो हिंदुस्तानियों को मुबय्यना तौर पर एक गेस्ट हाउस‌ में कैद‌ रखा गया था, उन्हें रिहा कर दिया गया। एक ख़ानगी इंजीनियरिंग कंपनी ने उन्हें कैद‌ कर रखा था जिन में वडोदरा का साकिन 36 साला संकेत पंड्या और हरियाणा का साकिन मुहम्मद हुसैन ख़ान शामिल हैं।

ये दोनों ईरान में एक हिंदुस्तानी कंपनी में बरसर-ए-कार थे, लेकिन कंपनी ने उनके पासपोर्टस हासिल करलिए और कंपनी के साथ एक तिजारती तनाज़ा की बुनियाद पर उन्हें गुजिश्ता एक माह से कैद‌ कर रखा था। गुजिश्ता हफ़्ता संकेत की अहलिया प्रीति और इस के भाई दिलीप पाठक ने सदर कांग्रेस सोनिया गांधी को मकतूब तहरीर किया था और मर्कज़ी हुकूमत से रुजू होते हुए दर्ख़ास्त की थी कि दोनों महरूस अफ़राद की रिहाई के लिए हुकूमत अपना इसर व र‌सूख इस्तिमाल करे।

तेहरान में हिंदुस्तानी सिफ़ारतख़ाना के ओहदेदारों ने दोनों हिंदुस्तानियों से राबिता क़ायम किया और दोनों को हफ़्ता की शाम को ईरान के दारुल-ख़लाफ़ा लाने के इंतिज़ामात किए और इस तरह अपनी रिहाई के बाद दोनों हिंदुस्तानी एक होटल में क़ियाम किए हुए हैं। प्रीति ने बताया कि इस ने अपने शौहर से कल फ़ोन पर बात की थी जिस के बाद ये पता चला कि दोनों यानी संकेत और ख़ान अपनी रिहाई के बाद बेहद खुश‌ हैं।

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