Thursday , December 14 2017

उग्रवादी कमांडर ने इस्मतरेज़ि किया खातून ने दी जान

उग्रवादी तंजीम जेजेएमपी के जोनल कमांडर चंचल पासवान ने रमकंडा के उदयपुर गांव में मंगल की रात जबरन घर में घुस कर पिस्तौल की ताक़त पर खातून से इस्मतरेज़ि किया।

उग्रवादी तंजीम जेजेएमपी के जोनल कमांडर चंचल पासवान ने रमकंडा के उदयपुर गांव में मंगल की रात जबरन घर में घुस कर पिस्तौल की ताक़त पर खातून से इस्मतरेज़ि किया।

दूसरे दिन शौहर के साथ बैठक के नाम पर बुलवाया। मुतासिरा ने जिश्म में आग लगा कर खुद को जिंदा जला डाला। इस सिलसिले में खातून के शौहर राजेंद्र विश्वकर्मा ने नावाडीह के रहने वाले जेजेएमपी के जोनल कमांडर चंचल पासवान उर्फ चंचलजी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सनाह में उसी गांव के संतोष पासवान, कमलेश पासवान और अनिल पासवान को भी मुल्ज़िम बनाया गया है।

खाना के बहाने घर में घुसा : मंगल की रात 10 बजे जेजेएमपी का जोनल कमांडर चंचल पासवान अपने तीन साथियों संतोष पासवान, कमलेश पासवान और अनिल पासवान के साथ उदयपुर के रहने वाले राजेंद्र विश्वकर्मा के घर पहुंचा।

घर में जबरन घुस कर जेजेएमपी कमांडर चंचल ने खातून से खाने की मांग की। खातून ने जब कहा कि घर में खाना नहीं बचा है, तो उग्रवादी कमांडर ने अपने तीन साथियों को खाने लाने बाजार भेज दिया।

साथियों के जाने के बाद चंचल ने कमरे में घुस कर खातून को दरवाजा बंद करने को कहा। खातून ने दरवाजा बंद करने से इनकार किया, तो उसने पिस्तौल दिखा कर उसके साथ इस्मतरेज़ि किया।

बुध की सुबह खातून ने अपने शौहर राजेंद्र को फोन कर घर बुलाया और वाकिया की जानकारी दी। इसी दरमियान उग्रवादी चंचल के तीन साथी उसके घर आ धमके। फरमान सुनाया कि चंचलजी ने एक बैठक रखी है और आप लोगों को बुलाया है।

डर की वजह से मियां-बीवी उस बैठक में गये। वहां चंचल ने अपनी गलती कुबूल करते हुए उनसे वादा किया कि अब दुबारा इस क़िस्म की गलती नहीं होगी। इसके बाद दोनों घर लौट गये और राजेंद्र भंडरिया चला गया। वाकिया से डर कर खातून ने जुमेरात की शाम तकरीबन चार बजे अपने बेटे को सामान लाने के बहाने बाजार भेज दिया और जिश्म में आग लगा कर ख़ुदकुशी कर ली। इस वाकिया से उदयपुर समेत पूरे इलाके में दहशत और गुस्सा है।

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