उच्च शिक्षा से जीएसटी ख़त्म करने की मांग‌

उच्च शिक्षा से जीएसटी ख़त्म करने की मांग‌
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नई दिल्ली: एजूकेशन सोसाइटी फ़ार इंडिया ने उच्च शिक्षा से माल और सेवा कर (जीएसटी) को हटाने की मांग की है और कहा है कि अगर उसे हटाया नहीं गया तो छात्र‌ के लिए शिक्षा बहुत महंगी हो जाएगी और ग़रीब लोग इस से महरूम हो जाऐंगे।

आज यहां सोसाइटी ने उच्च शिक्षा और जीएसटी मुद्दों की चुनौतियों पर सम्मेलन में ये मांग‌ किया। इस सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सदस्य‌ डॉ विनय सेस्तरबधे ने की।

लगभग तीन सौ निजी विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व कर ने वाली इस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ। जी विश्वनाथ ने पत्रकारों से कहा कि दुनिया के करीब 80 देश शिक्षा पर छह प्रतिशत से अधिक खर्च करते हैं लेकिन भारत में आज तक कोठारी आयोग की सिफारिश लागू नहीं किया गया, बजट की छह प्रतिशत की आपूर्ति करने के लिए सिफारिश की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के शिक्षा का बजट 3.8 प्रतिशत था, जो अब चार प्रतिशत हो चुका है लेकिन सरकार ने बजट बढ़ाने के बजाय जीएसटी लागू कर दिया है।

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