Sunday , December 17 2017

उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी नेताओं का उत्सर्जन

केंद्र सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है: रावत-भाजपा और कांग्रेस राष्ट्रपति प्रतिनिधित्व करेंगे

देहरादून: उत्तराखंड में ऐसे समय जब संख्यात्मक शक्ति प्रदर्शन के लिए एक सप्ताह रह ​​गया है, कांग्रेस ने आज पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे साकेत और एक दूसरे नेता को विरोधी पार्टी गतिविधियों की वजह हटा दिया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र में उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस और भाजपा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दरवाज़ा खटखाने का फ़ैसला किया है । दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष पेश करेंगे। सॉकेट के खिलाफ यह कार्य‌वाई ऐसे समय की गई, जबकि उनके पिता ने विद्रोह करते हुए शुक्रवार को विधानसभा में सरकार के खिलाफ वोट दिया था।

इसके अलावा कांग्रेस संयुक्त सचिव अनिल गुप्ता को भी खारिज किया गया है जिन पर इन 9 विधायकों के समर्थन का आरोप है जिन्होंने रावत सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था। देहरादून में प्रेस कान्फ़्रेंस से ख़िताब करते हुए हरीश रावत ने भाजपा केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि वह एक छोटे से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर रही है। इसके लिए धन और शक्ति का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो कुछ हो रहा है वह इस राज्य के लिए अच्छा नहीं क्योंकि हर साल एक नया मुख्यमंत्री आने से पहाड़ी राज्य की जनता के सपने बिखर जाएंगे।

इस दौरान पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भाजपा के खिलाफ शिकायत करेंगे। इस प्रतिनिधि मंडल में गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी, अहमद पटेल और कपिल सिब्बल भी शामिल रहेंगे। राष्ट्रपति को बताया जाएगा कि भाजपा किस तरह अस्थिरता का खेल खेल रही है।

दूसरी ओर राज्य से संबंधित सभी भाजपा सांसदों और 35 विधायकों सहित विजय बहुगुणा और आग मंत्री हराक सिंह रावत और 7 कांग्रेस के बागी विधायकों विजय चौक तो राष्ट्रपति भवन मार्च करेंगे। पार्टी नेताओं कैलाश विजय वर्गीय और श्याम जाजू की उनका प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करते हुए रावत सरकार की बर्खास्तगी की मांग करेगा।

भाजपा ने दावा किया है कि उसे 36 विधायकों सहित 9 बागी कांग्रेस सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। भाजपा नेताओं ने कहा कि रावत सरकार पहले ही आंदोलन विश्वास में हार चुके है। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा स्पीकर गोविंद सिंह कौंजवाल के खिलाफ भी शिकायत करने का फैसला किया है जिन्होंने फाइनेंस बिल न्दाई वोट से मंजूरी की घोषणा की और मतदान की अनुमति नहीं दी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने केंद्रीय पार्टी नेतृत्व की ओर से राज्य में लोकतांत्रिक तौर निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का आरोप खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खुद अपनी गलतियों की वजह गिरावट से पीड़ित हो गई है। इसके लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह को जिम्मेदार करार देना ठीक नहीं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस की स्थिति में सुधार और सही बनाए रखना भाजपा की जिम्मेदारी है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने विद्रोहियों के उत्सर्जन के बारे में कहा कि अनुशासनात्मक समिति ने प्रदेश कांग्रेस समिति से सिफारिश की थी कि सॉकेट और गुप्ता को अखबारों और न्यूज चैनलों पर उनसे मनसुबह बयानों के आधार नष्ट कर दिया जाए।

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