Wednesday , June 20 2018

उत्तराखंड में सड़ी हुई नाशों से वबाई बीमारियाँ

गाऊचर गुप्त काशी 27 जून (पी टी आई) मौसम के साफ़ होने के साथ ही उत्तराखंड के वसीअ तर इलाक़ों में सड़ी हुई नाशों के बाइस ताफ़्फ़ुन फैल रहा है। सैलाब और ज़मीन खिसकने के सबब हलाक होने वालों की आख़िरी रसूमात बड़े पैमाने पर अंजाम दी जा रही हैं।

गाऊचर गुप्त काशी 27 जून (पी टी आई) मौसम के साफ़ होने के साथ ही उत्तराखंड के वसीअ तर इलाक़ों में सड़ी हुई नाशों के बाइस ताफ़्फ़ुन फैल रहा है। सैलाब और ज़मीन खिसकने के सबब हलाक होने वालों की आख़िरी रसूमात बड़े पैमाने पर अंजाम दी जा रही हैं।

केदारनाथ में आज 11वै दिन भी 3,500 अफ़राद को बचाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। बद्रीनाथ से फंसे हुए एक हज़ार अफ़राद को निकाला गया है। मलबे में फंसी हुई नाशें, ज़िंदा बच जाने वाले अफ़राद के लिए वबाई अमराज़ का ख़तरा बन रही हैं। हुक्काम जंगी बुनियादों पर सफ़ाई का काम अंजाम दे रहे हैं। ख़राब मौसम के बाइस गुज़श्ता दो दिन के दौरान केदार नाथ में नाशों की आख़िरी रसूमात का काम रोक दिया गया था, लेकिन आज दोपहर में मौसम साफ़ होने से ये काम दुबारा शुरू किया गया है, ताहम अब तक कितनी नाशों की आख़िरी रसूमात अंजाम दी गई हैं, इसका अंदाज़ा नहीं किया जा सका। अगर जुमा से मौसम में बेहतरी आई तो आइन्दा पीर- मंगल तक तमाम काम मुकम्मल करलिए जाऐंगे।

सैलाब में फंसे हुए अफ़राद को जंगी बुनियादों पर निकाला जा रहा है। चीफ़ मिनिस्टर उत्तराखंड बहूगुना ने कहा कि हरसील और बद्रीनाथ में फंसे हुए यात्रियों को आइन्दा दो दिनों में बचा लिया जाएगा। एन डी एम ए के नायब सदर नशीन एम शशि धर रेड्डी ने कहा कि मरने वालों की तादाद में इज़ाफ़ा हो सकता है। केदारनाथ में 10 फ़ीट गहिरा मलबा पाया गया है। अंदेशा है कि इस मलबा में कई नाशें दफ़न हैं। रेड्डी ने ये भी कहा कि तक़रीबन 350 अफ़राद अब भी इमदाद से महरूम हैं।

TOPPOPULARRECENT