Sunday , December 17 2017

उत्तराखंड: शिंदे ने मोदी को हेलीकॉप्टर से उतरने की इजाजत नहीं दी

अहमदाबाद, 22 जून: उत्तराखंड में तबाही से मुतास्सिर इलाकों का दौरा करने पहुंचे मुल्क के वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे ने उत्तराखंड में आई मुसीबत को कौमी आफत करार से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे कोई फयदा नहीं होगा। रि

अहमदाबाद, 22 जून: उत्तराखंड में तबाही से मुतास्सिर इलाकों का दौरा करने पहुंचे मुल्क के वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे ने उत्तराखंड में आई मुसीबत को कौमी आफत करार से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे कोई फयदा नहीं होगा। रियासत के दौरे पर शिंदे ने उत्तराखंड के वज़ीर ए आला विजय बहुगुणा के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि फौज की टुकड़ियां दिन-रात एक कर मुतास्सिरों को मुतास्सिर इलाकों से निकालने में लगी हैं।

उन्होंने गुजरात के वज़ीर ए आला नरेंद्र मोदी को इस तबाही वाले इलाके में हेलिकॉप्टर से उतरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि अब किसी भी रियासत के वज़ीर ए आला व मरकज़ी वुजराओं को हेलीकॉप्टर से इस तबाही वाले इलाके में उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सुशील कुमार शिंदे ने माना कि मरकज़ और रियासत में राबिते की कमी रही। साबिक होम सेक्रेटरी वी के दुग्गल को देरहादून में तैनात किया जायेगा। पीर के दिन से वह देहरादून वाकेए सेक्रेट्रेट में बैठेंगे। वहीं मौसम ने फिक्र बढ़ाई हुई है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में छाए बादल। महकमा मौसमियात ने कहा है कि इस मुसीबत जदा इलाके मे हल्की बौछारें आ सकते हैं ।

राहत के काम शुरू करने के लिए तीनों जिलों में 51 हेलीकाप्टर की मदद से चलाया जा रहा है । 300 मुसाफिर केदारनाथ में आसपास के जंगलों से बचाए गए। गौरी गांव में बचाव मुहिम तेज रफ्तार पर है। बदरीनाथ के इलाके से मुसाफिरों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। 80000 से ज्यादा मुसाफिर यहां अभी भी फंसे हैं । उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री में फंसे मुसाफिरों को निकालने के लिए हेलीकाप्टर की तादाद दो से बढ़ाकर सात की गई है। अभी हजारों मुसाफिर फंसे हैं , फौज ने सड़कों को खोलने का काम किया तेज कर दिया है ।

शिंदे ने कहा कि मि 17 हैलीकॉप्टर से ज़्यादा मुतास्सिरो को लाना मुम्किन है लेकिन वह इस मुतास्सिर इलाकों में उतर नहीं सकता है, लिहाजा उसकी जगह पर छोटे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर मुतास्सिरो को निकाला जा रहा है। इसके लिए फौज के हैलीकॉप्टर मुसलसल इस् मुतास्सिर इलाकों का चक्कर लगा रहे हैं। शिंदे ने कहा कि इस मुद्दे पर सियासत करना करना सही नहीं है। उन्होंने माना कि मुतास्सिरो को कुछ जगहों पर खाने पीने के इंतेज़ाम में कमी आई है, जिसकी वजह से उनमें गुस्सा है।

मुतास्सिर इलाकों के दौरे पर पहुंचे वज़ीर ए दाखिला के साथ में राजस्थान के वज़ीर ए आला अशोक गहलौत भी शामिल थे। शिंदे ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कई लाश बेहद बुरी हालत में हैं जिनकी शिनाख्त करना मुम्किन नहीं है। इसके लिए उनके डीएनए को महफूकज़ रखा जाएगा ताकि उनकी पहचान मुम्किन हो सके। उन्होंने कहा कि राहत के काम में जुटी फौज की टुकड़ियां अराजी तौर पर रास्तों की तामीर करने में जुटी हैं। हालांकि अब भी अलग-अलग इलाकों में करीब चालीस हजार लोग फंसे हुए हैं जिन्हें जल्द निकालने की चुनौती फौज के ऊपर है।

आज ही गुजरात के वज़ीर ए आला नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड के मुतास्सिर इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे। गौरतलब है कि उन्होंने उत्तराखंड में आई तबाही को कौमी आफत ऐलान करने के लिए मरकज़ी हुकूमत से अपील की थी। इससे पहले जुमे को गुजरात हुकूमत ने उत्तराखंड में फंसे मुसाफिरों के लिए देहरादून से अहमदाबाद के लिए खुसुसी तैय्यारे का इंतेज़ाम किया, जिसमें 17 अकीदमंद यहां लौट गए हैं। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर उत्तराखंड से करीब 150 मुसाफिरों के सही सलामत लौट आने की भी खबर है।

मोदी आज वज़ीर ए आला विजय बहुगुणा से भी मिलेंगे। मोदी ने कहा कि गुजरात उत्तराखंड के लोगों को हर मुम्किन मदद फराहम करेगा। मोदी खुसुसी तैय्यारे से जुमे को देहरादून पहुंचे थे।

जुमे के दिन वज़ीर ए आला के दफ्तर में मोदी के दौरे की तैयारियां की गई, इससे पहले उत्तराखंड में फंसे गुजरात के मुसाफिरो के लिए गुजरात सरकार ने एक खुसुसी तैय्यारे का इंतेजाम किया गया ।

हुकूमत गुजरात ने ऐलान किया है कि आज ( हफ्ते) से देहरादून से अहमदाबाद के लिए बकायदगी तौर पर से 130 सीटों वाले दो तैय्यारे (विमान) चलाए जाएंगे, जो वहां फंसे गुजरात के मुसाफिरों को सही सलामत उनके मंज़िल तक लाएंगे।

———-बशुक्रिया: जागरण

TOPPOPULARRECENT