Saturday , June 23 2018

उत्तर प्रदेश: मुसलमानों को लुभाने की कोशिश में अखिलेश सरकार ने कब्रिस्तान की चारदीवारी के लिए बजट दो गुनी की

लखनऊ: अल्पसंख्यकों से संबंधित योजनाओं में कब्रिस्तान की चहारदीवारी की योजना काफी महत्वपूर्ण है. उत्तर प्रदेश में अक्सर कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे या जानवरों की आवाजाही की वजह से सांप्रदायिक माहौल भी खराब होता रहा है. इसी को ध्यान में रखकर यू पी सरकार ने कब्रिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण कराने का एक महत्वपूर्ण काम किया है. यूपी में चहारदीवारी निर्माण के लिए मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी समेत सभी अल्पसंख्यक वर्ग का लिहाज़ रखा गया है. चहारदीवारी निर्माण के लिये पिछले साल तक यूपी सरकार का 200 करोड़ रुपये सालाना का बजट था. इस साल इसे बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया. इसके लिए अल्पसंख्यक वर्ग के दिल में सरकार के प्रति अच्छे जज्बात पैदा हुए हैं.

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प्रदेश 18 के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कब्रिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण वर्ष 2012.13 में शुरू किया गया, जिसे राज्य के हर जिले में क्रियान्वयन की कोशिश की गई. जिलाधिकारी की देखरेख में बनी समिति के माध्यम से कब्रिस्तान चयनित किया जाता रहा. राज्य स्तर पर भी उच्च अधिकारी
प्रगति की समीक्षा करते रहे. समय-समय पर बैठक कर के अल्पसंख्यक से जुड़े मुद्दों और उन के समाधान की कोशिशें की जाती रहीं.
बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों केा अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को तलब कर उनसे विकास कार्यों का जायजा लिया जाता रहा. अल्पसंख्यक से जुड़ी योजनाओं खासकर कब्रिस्तान की चहारदीवारी के निर्माण में हुई लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर काम करने की हिदायतें जारी की जाती रही हैं.

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