Friday , December 15 2017

उत्तर प्रदेश में जुलूस, शादी ब्याह में फायरिंग पर इम्तिना ( रोक)

इलहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बंच के ज़रीया शादी ब्याह की तक़रीब और दीगर अवामी मुक़ामात पर ख़ुशी के मौक़ों पर फायरिंग करने के मुआमला में सख़्त मौक़िफ़ इख्तेयार करने के बाद आज उत्तर प्रदेश हुकूमत ने इस पर मुकम्मल पाबंदी लगा दी ।उत्तर प्रदे

इलहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बंच के ज़रीया शादी ब्याह की तक़रीब और दीगर अवामी मुक़ामात पर ख़ुशी के मौक़ों पर फायरिंग करने के मुआमला में सख़्त मौक़िफ़ इख्तेयार करने के बाद आज उत्तर प्रदेश हुकूमत ने इस पर मुकम्मल पाबंदी लगा दी ।उत्तर प्रदेश हुकूमत 7से 27 मई तक पटाख़ों और धमाका ख़ेज़ मादों की फ़रोख्त और इस्तेमाल के सिलसिला में ख़ुसूसी मुहिम चलाएगी।

महकमा दाख़िला के ख़ुसूसी सेक्रेटरी आर एम श्रिवास्तव ने इस मुआमला में तमाम ज़िला मजिस्ट्रेटों, डिप्टी इन्सपेक्टर जनरल आफ़ पुलिस और पुलिस सुप्रीटेंडेंट को अहकामात जारी करके कहा है कि किसी तक़रीब और शादी ब्याह में लाइसेन्सी पिस्तौल और बंदूक़ के इस्तेमाल पर पाबंदी और धमाका ख़ेज़ माद्दा मुख़ालिफ़ क़ानून पर सख़्ती से अमल किया जाए ।

महकमा दाख़िला के ख़ुसूसी सेक्रेटरी ने तमाम लाईसेंस रखने वालों को मुतनब्बा किया है कि वो शादी ब्याह या किसी भी किस्म की तक़रीब या जीत का जश्न मनाने के लिए फायरिंग ना करें, ऐसा करने पर उन के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। इस मुआमला में अदालत ने भी रियासत के चीफ़ दाख़िला सेक्रेटरी -ओ-पुलिस सुप्रीटेंडेंट से दरयाफ्त किया है कि फायरिंग रोकने में अब तक क़्या कार्रवाई की गई है।
जस्टिस अब्दुल मतीन और जस्टिस सुधीर कुमार सक्सेना पर मुश्तमिल बंच ने अर्ज़ी गुज़ार जितेन्द्र सिंह के मुआमला में कल समाअत के दौरान ये हुक्म दिया था। बंच ने कहा कि कई सालों से तक़रीबात में फायरिंग से लोगों की मौत हो रही है और खुले आम लाइसेंसी अस्लाह का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है।

TOPPOPULARRECENT