उन्नत रूसी T-90 टैंक के उपर दो कमांडिंग अफसरों के लिए अलग से माउंट किया गया चेयर

उन्नत रूसी T-90 टैंक के उपर दो कमांडिंग अफसरों के लिए अलग से माउंट किया गया चेयर

नई दिल्ली : भारत में हालिया युद्ध अभ्यास के दौरान, दो कमांडिंग अफसरों को एक T-90S भीष्म टैंक के उपर पीछे की तरफ स्पष्ट रूप से उनके लिए दो चेयर स्थापित किए गए थे. इन दो कमांडिंग अफसरों की जोड़ी को चेयर में आराम से देखा गया था, जो उस टैंक में अलग से माउंट किया गया था. विदेशी अखबारों में खासकर रूप के अखबारों में इसे प्रमुखता से लिया गया है.

Rossiiskaya Gazeta लिखा था कि यह पहली बार नहीं है कि भारतीय सैन्य अफसरों को इस तरह के विचित्र तरीके से उन्नत रूसी-डिजाइन युद्ध टैंकों की सवारी करता देखा गया हो।

Ex #VijayPrahar 9 मई 2018 को # #SaptaShaktiCommand का लंबा अभ्यास हुआ। 25000 से अधिक सैनिकों ने टैंक, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और लड़ाकू विमानों सहित बड़े पैमाने पर आधुनिक उपकरणों के साथ परिचालन के पूर्ण स्पेक्ट्रम को संबोधित करते हुए अभ्यास में भाग लिया।
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— ADG PI — INDIAN ARMY (@adgpi) 10 мая 2018 г.

भारत T-90 टैंक का मुख्य विदेशी खरीदार है। 2000 में अत्याधुनिक युद्ध वाहनों का पहला बैच देश में आया था। छह साल बाद, भारत सरकार ने 1,000 T-90 भीष्म टैंक बनाने के लिए लाइसेंस के लिए 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया। भारत में इकट्ठे हुए पहले ऐसे टैंक 2009 में देश की सशस्त्र बलों में शामिल हो गए। 2020 तक भारत की 2,000 T-90 टैंक तक की योजना है।

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