उन्‍नाव- हाईकोर्ट ने ख़ुद लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट, पीड़िता के पिता का शव सुरक्षित रखने का आदेश

उन्‍नाव- हाईकोर्ट ने ख़ुद लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट, पीड़िता के पिता का शव सुरक्षित रखने का आदेश
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इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के गैंगरेप मामले में अब खुद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्‍वत: संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को तलब करते हुए कल तक इस मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। वही खबर के मुताबिक पीड़िता के पिता का शव सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया है । चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच कल इस मामले की सुनवाई करेगी। वहीं कोर्ट ने एडवोकेट जनरल या एडिशनल एडवोकेट जनरल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने को भी कहा है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगले हफ्ते सुनवाई करेगी। बता दें कि एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में यह अर्जी दी थी कि मामले की सीबीआई जांच हो और परिवार को मुआवजा दिया जाए।

दरअसल उन्नाव में रेप पीडिता के पिता की मौत मामले में हाई कोर्ट ने एक पत्र पर संज्ञान लिया है। वहीं कोर्ट ने पीड़िता के पिता के शव को भी सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने पीड़िता के पिता का अंतिम संस्कार न होने पर शव को सुरक्षित रखने को कहा है। अदालत ने कहा कि अगर अंतिम संस्कार नहीं हुआ है तो उस पर लगे रोक। उन्‍नाव गैंगरेप मामले में पीड़िता के पिता की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी।

उन्‍नाव गैंग रेप मामले में पीड़िता ने बीजपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अतुल सेंगर समेत उनके साथियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। वहीं इन पर पीड़िता के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट का भी मामला दर्ज कराया गया है।

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