Saturday , December 16 2017

उप चुनाव‌ में 80 फ़ीसद वोटींग, लोगों का जोश-ख़रोश

* बाज़ जगहों पर पथराव‌ और झगडें, उम्मीदवारों की सियासी क़िस्मत का फ़ैसला वोटिंग मशीनों में बंद, 15 जून को नतीजों का एलान

* बाज़ जगहों पर पथराव‌ और झगडें, उम्मीदवारों की सियासी क़िस्मत का फ़ैसला वोटिंग मशीनों में बंद, 15 जून को नतीजों का एलान
हैदराबाद (सियासत न्यूज़) आंधरा प्रदेश के एक लोक सभा और 18 असेंबली हलक़ों के लिए अहम तरीन उपचुनाव‌ में लगभग‌ 80 फ़ीसद वोटींग रेकोर्ड की गई जो शांती शाली रही। लेकिन‌ तशद्दुद के भी बाज़ वाक़ियात पेश आए। इस‌ चुनाव को 2014 में होने वाले असेंबली चुनावों से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है और इस के नतीजें अगाव‌ के सियासी हालात तय‌ करेंगे।

स्वर्गीय‌ चीफ़ मिनिस्टर वाईएस राज शेखर रेड्डी के बेटे वाई एस जगन मोहन रेड्डी के लिए ये चुनाव बहुत जयादा एहमीयत रखते हैं। इस के साथ साथ सत्तादार‌ कांग्रेस को भी अपनी ताक़त का मुज़ाहरा करना ज़रूरी है क्योंकि असेंबली में उसे बहुत कम‌ हासिल है। उप चुनाव‌ लोक सभा हलक़ा नैलोर में मुनाक़िद हुए।

इस के इलावा 18 असेंबली हलक़ों में भी पोलिंग‌ हुई। चीफ़ इलैक्शन कमिशनर वी एस संपत ने दिल्ली में बताया कि आंधरा प्रदेश में 18 सिटों के लिए वोटींग लगभग‌ 80 फ़ीसद रेकोर्ड की गई जबकि लोक सभा हलक़ा नैलोर में 70 फ़ीसद पोलिंग‌ हुई। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाई एस आर कांग्रेस ने तमाम 18 सिटों पर अपने उम्मीदवार खडें किए। इन में 17 हलक़े इलाक़ा राइलसीमा और साहिली आंधरा के हैं जबकि एक असेंबली हलक़ा परकाल ते‍लंगाना में है।

समझा जाता है कि चुनावी मुहिम के दौरान जगन की गिरफ़्तारी और फिर उन की माँ विज्याम्मा और बहन शर्मीला की चुनावी मुहिम से हमदर्दी की लहर का काफ़ी फ़ायदा हुआ। जगन ने पिछ्ले साल लोक सभा हलक़ा कड़पा के उपचुनाव में 5 लाख वोटों से कामयाबी हासिल की थी।

आंधरा प्रदेश की 294 सदस्य वाली असेंबली में कामयाबी के लिए 148 असेंबली सदस्यों की ताईद ज़रूरी है और कांग्रेस के सदस्यों की अभि कुल‌ तादाद 151 है। इस तरह ये चुनाव बहुत जयादा एहम समझे जा रहे हैं। आज वोटिंग‌ के दौरान कड़पा में कोदूर के मुक़ाम पर दो पोलिंग बुथ‌ के बाहर सियासी ग्रुपों के कारकुनों में झड़प होगई।

पुलिस‌ ने लगभग‌ एक घंटा के अंदर हालात‌ पर क़ाबू पालिया। चीफ़ इलैक्ट्रॉल ऑफीसर ने बताया कि पोलिंग शांतीशालि रही। कोदुर में 85 फ़ीसद वोटिंग रेकोर्ड की गई। नैलोर लोक सभा हलके में 2 पोलिंग स्टेशन और पोलावरम असेंबली हलके में भी दो पोलिंग स्टेशन पर वोटरों ने मुक़ामी मसलें जैसे पीने के पानी की क़िल्लत और जमिन हासिल करने के ख़िलाफ़ एहतजाज करते हुए वोटिंग‌ का बाईकॉट किया।

18 में से 16 असेंबली हलक़ों पर उपचुनाव‌ इस लिए हुए क्योंकि मौजूदा कांग्रेस असेंबली सदस्यों को स्पीकर ने जगन से वफ़ादारी की बिना नाअहल क़रार दिया था। इस के इलावा एक असेंबली सदस्य‌ ने जगन की ताईद में अस्तीफ़ा दे दिया और अदाकार से सियासत दां बनने वाले चिरंजीवी ने राज्य सभा से चुनेजाने के बाद असेंबली सदस्य कि हैसियत से अस्तीफ़ा दे दिया।

मौजूदा कांग्रेस पार्लीमेंट सदस्य‌ के जगन की ताईद में अस्तीफ़ा की वजह से नैलोर मैं उप चुनाव बहुत जरुरी होगए थे। उप‌ चुनाव‌ के नतिजों का वाई एस आर कांग्रेस के सियासी मुस्तक़बिल पर काफ़ी असर होगा। लेकिन चुनावी नतीजें सत्तादार‌ कांग्रेस के लिए भी बराबरी एहमीयत के हामिल हैं। क्योंकि पार्टी में पार्टी छोडने का हौसला बढता जारहा है और कई असेंबली सदस्य‌ अपनी वफ़ादारी तबदील कर रहे हैं।

ये चुनाव‌ अपोज़ीशन तेल्गुदेशम के लिए भी काफ़ी एहमीयत रखते हैं क्योंकि पार्टी के नाक़िस मुज़ाहरा की सूरत में 2014 असेंबली चुनाव‌ पर कैडर के हौसले पस्त होसकते हैं। आज वोटरो ने उपचुनाव‌ में मुक़ाबला करने वालों की क़िस्मत का फ़ैसला इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में महफ़ूज़ कर दिया है। लेकिन सियासी पार्टीयों ने अपने हक़ में इस्तिमाल होने वाले वोटों का तजज़िया शुरू कर दिया।

चुनावी नतीजों का 15 जून को एलान होगा। उपचुनाव‌ को सियासी पार्टीयों की तरफ‌ से दी गई एहमीयत का अंदाज़ा इस हक़ीक़त से किया जा सकता है कि वाई एस आर कांग्रेस के हक़ में विज्याम्मा और शर्मीला की मुहिम के जवाब में दो केन्द्रिय मंत्री, एक ए आई सी सी जनरल सेक्रेटरी, दो केन्द्रीय ममलकती मंत्रीयों के इलावा चीफ़ मिनिस्टर, डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस सरगर्म होगए।

सदर तेल्गुदेशम चंद्रा बाबू नायडू, बी जे पी के केन्द्रिय लिडर‌ सुषमा स्वराज और प्रकाश जावडेकर, शाहनवाज़ हुसैन के इलावा रियास्ती सदर जी किशन रेड्डी ने भी चुनावी मुहिम में सरगर्म हिस्सा लिया। बी जे पी ने परकाल में सारी ताकत‌ लगादी। टी आर एस प्रमुख‌ चंद्रशेखर राउ और विजय‌ शांति ने भी सरगर्म मुहिम चलाई।

TOPPOPULARRECENT