Saturday , December 16 2017

उमर‌ अबदुल्लाह ने किसानों के साथ वक़्त गुज़ारा

वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर‌ अबदुल्लाह ने आज एक अहम बयान देते हुए कहा कि सरहद पर मौजूद कशीदगी से रियासत की तरक़्क़ी और अमन असरअंदाज़ होती है और इन इलाक़ों में रिहायश पुज़ीर अफ़राद को ना सिर्फ़ अपनी इमलाक की तबाही का बल्कि अपनी जान क

वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर‌ अबदुल्लाह ने आज एक अहम बयान देते हुए कहा कि सरहद पर मौजूद कशीदगी से रियासत की तरक़्क़ी और अमन असरअंदाज़ होती है और इन इलाक़ों में रिहायश पुज़ीर अफ़राद को ना सिर्फ़ अपनी इमलाक की तबाही का बल्कि अपनी जान का भी जोखिम बरक़रार रहता है।

चँवर फ़ार्म से क़रीब बैनुल-अक़वामी सरहद पर किसानों के साथ दो बदू बात करते हुए उमर‌ अबदुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान की जानिब से जंग बंदी मुआहिदा की बार बार ख़िलाफ़वरज़ी और शलबारी से अतराफ़-ओ-अकनाफ़ में सुकूनत इख़तियार किए हुए लोगों को ना सिर्फ़ अपने मकानात का इनख़ला-ए-करना पड़‌ता है बल्कि इससे ज़राअत जैसे अहम शोबा में भी कारकर्दगी का अमल जमूद का शिकार होजाता है।

यहां के लोग मआशी तौर पर परेशान होजाते हैं। जब आमदनी के ज़राए ही मस्दूद होजाएंगे तो किसान किस तरह अपना घर चलाईंगे। अलबत्ता उन्होंने इस बात पर इतमीनान का इज़हार किया कि गुजिश्ता कुछ दिनों से जंग बंदी मुआहिदा की ख़िलाफ़वरज़ी का कोई वाक़िया पेश नहीं आया और वो तवक़्क़ो करते हैं कि सरहद पर हालात यूं ही पुरअमन रहें क्योंकि पुरअमन हालात ही अवाम के मुफ़ाद में होसकते हैं ख़ुसूसी तौर पर किसानों केलिए।

उन्होंने एक बार फिर मुख़्तलिफ़ मसाइल की यकसूई केलिए हिंद पाक के दरमयान मुज़ाकरात की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उमर‌ अबदुल्लाह ने तमाम किसानों से फ़र्दन फ़र्दन बातचीत की और उनसे वहां मौजूद हालात से वाक़फियत हासिल की और उन ज़राअती सरगर्मीयों के बारे में भी इस्तिफ़सार किया कि वो कौन कौन से अनाज की फ़सल काटते हैं और दिन भर में कितने घंटे खेतों में गुज़ारते हैं वग़ैरह‌।

उमर‌ अबदुल्लाह ने महिकमा ज़राअत को ख़ुसूसी हिदायत दी कि सरहद के क़रीब क़ियाम पुज़ीर किसानों को कामयाब ज़राअती सरगर्मीयां अंजाम देने उन की हर तरह से मदद की जाये।

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