Sunday , December 17 2017

उमर, अनिर्बान के लिए कन्हैय्या करेंगे ‘आज़ादी ‘ आंदोलन

kanhaiya

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार विश्वविद्यालय के दो अन्य छात्रों जो राजद्रोह के मामले में अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं की रिहाई की मांग के लिए आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

उमर ने पीटीआई को बताया कि, हालंकि सरकार और पुलिस मेरी ज़मानत के मामले में देरी की पूरी कोशिश की लेकिन इसके बावुजूद मुझे ज़मानत मिल गयी लेकिन हमारी लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है उमर और अनिर्बान की रिहाई अभी बाकी है मैं उनके लिए छात्र आंदोलन का नेतृत्व करूंगा |

पिछले हफ़्ते ही दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा ज़मानत दिए जाने के बाद कन्हैय्या को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया है |

उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता उन दोनों की रिहाई की है लेकिन मुझे यक़ीन है कि हम अपनी इस विचारधारा के साथ आवाज़ उठाएंगे तो हमें अक्सर जेल जाना पड़ेगा |

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में एक घटना संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को दी गयी फांसी की बरसी पर किये गये एक प्रोग्राम के दौरान कथित तौर पर “राष्ट्र विरोधी” नारे लगाये गये थे जिस पर विवाद हो गया था |

इस मामले में लगे राजद्रोह के आरोप में कन्हैय्या को 18 दिन जेल में रहना पड़ा जबकि दो अन्य छात्र – उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य अभी न्यायिक हिरासत में हैं |

जेएनयू छात्र संघ कन्हैया के नेतृत्व में आज रात छात्र संघ की बैठक का आह्वान किया है जिसमें “जेएनयू पर हमले ‘पर चर्चा करने और भविष्य की रणनीति पर कार्यवाई करने के लिए चर्चा की जाएगी |

कन्हैया की अनुपस्थिति में जेएनयूएसयू उपाध्यक्ष शहला राशिद ने छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

जेएनयूएसयू अध्यक्ष को कैम्पस में 9 फ़रवरी को हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। जबकि इसी घटना के सिलसिले में कथित आरोपी पांच अन्य छात्रों – उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, राम नागा, अनंत प्रकाश और आशुतोष कुमार – कई दिन छुपे रहने के 10 दिन बाद परिसर में फिर दिखाई दिए थे ।

उमर और अनिर्बान आत्मसमर्पण कर दिया था जबकि अन्य तीन छात्रों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने पुलिस को जब भी कहेगी वो उनसे पूछताछ कर सकती है |

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