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उमा भारती का दौर-ए-हकूमत बेक़ाबू और जुनूनी

भोपाल २४ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत मध्य प्रदेश की जानिब से शाय किया जाने वाला सरकारी मुजल्ला संदेश के ताज़ा शुमारे में मुख़्तलिफ़ शख़्सियात का तजज़िया किया गया है। ख़ुसूसी तौर पर रियासत के साबिक़ वजीर ए आला का लाज़िमी बात है कि जब व

भोपाल २४ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत मध्य प्रदेश की जानिब से शाय किया जाने वाला सरकारी मुजल्ला संदेश के ताज़ा शुमारे में मुख़्तलिफ़ शख़्सियात का तजज़िया किया गया है। ख़ुसूसी तौर पर रियासत के साबिक़ वजीर ए आला का लाज़िमी बात है कि जब वजीर ए आला का ज़िक्र होगा तो उमा भारती का नाम कैसे नहीं आएगा?!

इन के दौर-ए-हकूमत को तजज़िया निगारों ने बी जे पी की बेक़ाबू और जुनूनी सियासत से ताबीर किया है। जारीया माह के ताज़ा शुमारे में रियासत के तमाम साबिक़ वजीर ए आला के कारहाए नुमायां की सताइश की गई है जहां पण्डित रवी शंकर शुक्ला से लेकर मौजूदा वज़ीर-ए-आला शिव् राज सिंह चौहान हुकूमतों का पोस्टमार्टम करते हुए तक़रीबन सब की तारीफ़-ओ-तौसीफ की गई है लेकिन ओमा भारती को उन सताइश का मुस्तहिक़ क़रार नहीं दिया गया। ओमा भारती 8 दिसम्बर 2003 से 25 अगस्त 2004 मध्य प्रदेश की वज़ारत आला के ओहदा पर फ़ाइज़ रहीं।

हैली की एक अदालत की जानिब से क़ौमी पर्चम की तौहीन के एक मुआमला में ओमा भारती ने गिरफ़्तारी वारंट की इजराई के बाद अपने ओहदा से इस्तीफ़ा दे दिया था जिस के फ़ौरी बाद मिस्टर बाबू लाल गौड़ को वज़ीर-ए-आला बनाया गया था जिन के बारे में तजज़िया निगार ने कहा है कि मौसूफ़ एक मंझे हुए और दानिश्वर सियासतदां हैं।

तजज़िया निगार ने आगे चल कर मिस्टर द्वारका प्रशाद का तज़किरा भी किया है और वाज़िह तौर पर उन्हें एक दानिश्वर सियासतदां से ताबीर किया। द्वारका प्रशाद के जांनशीन गोविंद नारायण सिंह को ख़ुद परस्त और रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करने वाला वज़ीर-ए-आला क़रार दिया गया।

एक और साबिक़ वज़ीर-ए-आला श्याम चरण शुक्ला के काम करने का अंदाज़ बिलकुल शाहाना था जबकि मिस्टर प्रकाश सिंह सेठी ताजिराना महारत के हामिल शख़्स थे। विरेन्द कुमार सकलेचा को आर एस एस के नज़म-ओ-ज़बत का हामिल शख़्स जबकि मिस्टर कैलाश जोशी को एक सादा लौह शख़्स से ताबीर किया गया। बी जे पी के ऐसे तीसरे अहम क़ाइद जो रियासत मध्य प्रदेश के वज़ीर-ए-आला बनी, इन में सुंदरलाल पटवा का ज़िक्र किया गया है। सुंदर लाल पटवा को एक इंतिहाई तजरबाकार सियासतदां से ताबीर किया गया जिन की रियास्ती इंतिज़ामीया पर मज़बूत गिरफ्त थी।

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