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उम्र क़ैद भुगत लेने वालों को रिहा कर दें: गिलानी

श्रीनगर,०४ दिसम्बर:(पी टी आई) कट्टर पसंद हुर्रियत कान्फ़्रैंस लीडर सय्यद अली शाह गिलानी ने आज मुतालिबा किया कि जम्मू-ओ-कश्मीर के ऐसे अफ़राद को जो दहश्तगर्दी इल्ज़ामात पर मुख़्तलिफ़ अदालतों की जानिब से ख़ाती क़रार दिए जाने के बाद उम्र

श्रीनगर,०४ दिसम्बर:(पी टी आई) कट्टर पसंद हुर्रियत कान्फ़्रैंस लीडर सय्यद अली शाह गिलानी ने आज मुतालिबा किया कि जम्मू-ओ-कश्मीर के ऐसे अफ़राद को जो दहश्तगर्दी इल्ज़ामात पर मुख़्तलिफ़ अदालतों की जानिब से ख़ाती क़रार दिए जाने के बाद उम्र क़ैद भुगत चुके हैं, उन्हें फ़ौरी और ग़ैरमशरूत तौर पर रहा कर दिया जायॆ।

हम उन की आजलाना और बलाशरत रिहाई का मुतालिबा करते हैं,गिलानी ने अख़बारी नुमाइंदों को अपनी क़ियामगाह पर ये बात बताई जहां वो बदस्तूर गुज़श्ता कई माह से घर पर नज़रबंद हैं।

उन्होंने आशिक़ हुसैन फ़ख़तो और दो दीगर अफ़राद के मुआमले का ज़िक्र किया जिन्हें 2001-ए-में एक टाडा कोर्ट ने बरी कर दिया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट की जानिब से माख़ोद किया गया।

गिलानी ने कहा : हुकूमत ने तो ख़ुद अपने रिव्यू बोर्ड की सिफ़ारिश मुस्तर्द करदी, जिस ने उन की रिहाई की इन के अच्छे बरताव् की असास पर सिफ़ारिश की थी। फ़ख़तो को 1993-ए-में दहश्तगर्दी इल्ज़ामात पर गिरफ़्तार किया गया था, और गुज़श्ता साल रिव्यू बोर्ड ने इस की रिहाई की सिफ़ारिश की थी।

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