Monday , December 11 2017

उरी हमला: भारत पाकिस्तानी आतंकवाद के खतरे से निपटे: मोलाना अशरफ कछोछावी

कछोछा शरीफ: आल इंडिया उलमा ए मशाईख बोर्ड के संस्थापक और अध्यक्ष और हाल ही में दिल्ली में हुए विश्व सूफी मंच के मुख्य आयोजक मौलाना सैयद मोहम्मद अशरफ कछोछावी ने उरी आतंकवादी हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों और पस्मान्दगानों के प्रति गहरी सहानुभूति और संवेदना जताई।

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वे इस घटना की निंदा करते हुए कहते हैं कि “यह आने वाली बड़ी मुसीबत की चेतावनी है जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है”. सय्यद मोहम्मद अशरफ ने कहा कि “इस समय भारत को चाहिए कि क्षेत्र में आतंकवाद के खतरे से निपटने और देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हो जाए।

उन्होंने कहा कि 4 मई 2002 के कालूचक त्रासदी के बाद, जिसने 12 नागरिकों और 22 सुरक्षाकर्मियों की जान ले ली थी, उरी आतंकवादी हमला सबसे खूनी विनाश के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि “भारतीय सेना द्वारा जांच करने पर जो जानकारी मिली है कि इस आतंकवादी हमले के पीछे पाकिस्तान की आतंकवादी संगठन है, इससे इस आतंकवादी हमले का कारण बिल्कुल साफ है। “इसका उद्देश्य कश्मीर के भोले भाले मुस्लिम युवाओं को भड़काना और राज्य में नए सिरे से हिंसा फैलाने और क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा करना है. सूफी मंच से जुड़े इस्लामी विद्वान और मीडिया समन्वयक गुलाम रसूल देहलवी ने कहा कि “उरी हमला पाकिस्तान में पनपती हुई उस आतंकवादी सोच का नमूना है जो खुद इस्लामी देश में मासूम बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की क्रूर हत्या की दलील पेश करता है, सिर्फ इसलिए कि उनकी नज़र में वह “सही आस्था वाले मुसलमान” नहीं हैं.

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