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उर्दूदां तबक़ा के साथ नाइंसाफ़ी अफ़सोसनाक

मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश में पसमांदगी का शिकार तबक़ात के साथ हुए इस्तिहसाल पर इज़हारे ख़्याल करते हुए सदर नशीन तेलंगाना पोलिटिकल जोइंट ऐक्शन कमेटी प्रोफ़ेसर कूदंड राम ने उर्दूदां तबक़ा के साथ हुई नाइंसाफ़ीयों को काबिले अफ़सो

मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश में पसमांदगी का शिकार तबक़ात के साथ हुए इस्तिहसाल पर इज़हारे ख़्याल करते हुए सदर नशीन तेलंगाना पोलिटिकल जोइंट ऐक्शन कमेटी प्रोफ़ेसर कूदंड राम ने उर्दूदां तबक़ा के साथ हुई नाइंसाफ़ीयों को काबिले अफ़सोस क़रार दिया।

कूदंड राम ने कहा कि उर्दू ज़बान को मज़हब के साथ जोड़ कर उर्दूदां तबक़ा का अर्से हयात तंग कर दिया गया जबकि उर्दू किसी एक मज़हब या फ़र्द की ज़बान नहीं है उन्हों ने मज़ीद कहा कि मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश के क़ियाम से क़ब्ल इलाक़ा तेलंगाना में उर्दू ज़बान का बोल बाला था और उर्दूदां तबक़ा में ना सिर्फ़ मुसलमानों को शुमार किया जाता था बल्कि ग़ैर मुस्लिम अफ़राद की भी अक्सरीयत उर्दूदां तबक़ा कहलाती थी मगर मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश क़ायम होने के बाद उर्दू ज़बान को बुनियाद बनाकर इलाक़ा तेलंगाना के मुसलमानों को रोज़गार से महरूम करने और उन की मईशत को कमज़ोर करने का काम किया गया।

उन्हों ने कहा कि आसिफ़ जाहि दौरे हुकूमत में क़ायम कर्दा सनअती इदारे जिन की एक तवील फ़ेहरिस्त है जिन्हें मुनज़्ज़म अंदाज़ में आन्ध्राई हुक्मरानों ने बंद कर दिया जिस के सबब तक़रीबन बीस हज़ार मुसलमान रोज़गार से महरूम हो गए।

प्रोफ़ेसर कूदंड राम ने मज़ीद कहा कि मुसलमानों को ज़िंदगी के तमाम शोबों में आबादी के तनासुब से नुमाइंदगी का मवाक़े फ़राहम करने के लिए इलाक़ाई और क़ौमी जमातों पर आइद ज़िम्मेदारीयों की जानिब तेलंगाना जोइंट ऐक्शन कमेटी तवज्जो मबज़ूल करवाएगी। प्रोफ़ेसर कूदंड राम ने इलाक़ा तेलंगाना की सिविल सोसाइटी को भी समाजी इंसाफ़ और सेक्यूलर अज़म को होने वाले नुक़्सान के ख़दशात से मुक़ाबले के लिए मुतहर्रिक होने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

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