Friday , September 21 2018

उर्दू अख़बारात की हिफ़ाज़त

हमारे शहर हैदराबाद में कई ज़बानें बोली जाती हैं जिस में एक ज़िंदा और मीठी ज़बान उर्दू है । हैदराबाद में कई उर्दू रोज़नामा शाय होते हैं । उर्दू दां तबक़ा उन अख़बारात को बड़े ही शौक़ से मुताला करते है ।

हमारे शहर हैदराबाद में कई ज़बानें बोली जाती हैं जिस में एक ज़िंदा और मीठी ज़बान उर्दू है । हैदराबाद में कई उर्दू रोज़नामा शाय होते हैं । उर्दू दां तबक़ा उन अख़बारात को बड़े ही शौक़ से मुताला करते है ।

इन उर्दू अख़बारात में ख़बरों के इलावा कई मालूमाती मज़ामीन शाय होते हैं और सफ़ाह-ए-अव्वल पर आयत मुबारका और हदीस शरीफ़ के साथ साथ दीनी मालूमाती मज़ामीन भी होते हैं अक्सर हज़रात अख़बारात मुताला करने के बाद फेंक देते हैं जिस की वजह से बेहुर्मती होती है और हम गुनाहगार होते हैं लिहाज़ा हमारा फ़र्ज़ है कि इन अख़बारात की हिफ़ाज़त करें और उन सफ़हों को काट कर अलग करलीं जिस में हदीस-ओ-दीनी मालूमाती मवाद हो ।

आप तमाम क़ारईन से मेरी इलतिमास है कि ऐसे अख़बारात नज़र आजाऐं तो उन्हें किसी महफ़ूज़ जगह पर रख दें ।

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