Wednesday , April 25 2018

उर्दू असातिज़ा के मसाइल की यकसूई का मुतालिबा

आल़्वेज़ प्रोग्रेसिव उर्दू टीचर्स एसोसीएशन महबूबनगर की तरफ से कमिशनर एंड डायरेक्टर आफ़ स्कूल एजूकेशन ( सी एंड डी एस ई) हैदराबाद को कई एक नुमाइंदगीयाँ पेश की गईं।

आल़्वेज़ प्रोग्रेसिव उर्दू टीचर्स एसोसीएशन महबूबनगर की तरफ से कमिशनर एंड डायरेक्टर आफ़ स्कूल एजूकेशन ( सी एंड डी एस ई) हैदराबाद को कई एक नुमाइंदगीयाँ पेश की गईं।

ख़्वाजा क़ुतुबुद्दीन सदर और मुहम्मद अबदुलजब्बार मोतमिद ने वफ़द की क़ियादत की। वफ़द ने मुतालिबा किया के रॅशनॅलिइजेशन से उर्दू मीडियम मदारिस को बरखरार रखा जाये।

उर्दू मीडियम मदारिस में बाई पोस्ट पर काम करने वाले असातिज़ा को उनके अपने मीडियम में ट्रांसफ़र किया जाये। उर्दू मीडियम मदारिस में अंग्रेज़ी मज़मून से इंसाफ़ किया जाये।

जी ओ 95 के तहत ट्रांसफ़र और बुनियादी तालीम धम जमात तक उर्दू से हासिल करने वालों को ही अंग्रेज़ी की तदरीस के लिए मुक़र्रर किया जाये। उर्दू मीडियम में असातिज़ा की मख़लवा जायदादों को रोस्टर सिस्टम को बरख़ास्त करते हुए पुर किया जाये। उर्दू मीडियम में ग्रेड II उर्दू पण्डित को अपग्रेड करते हुए ग्रेड I एसए का दर्जा दिया जाये।

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