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उर्दू असातिज़ा बहाली का मसला जल्द हल होना चाहिए : कलीम मुनिमि

गुजिशता साल 27 हज़ार उर्दू असातिज़ा के तकर्रुरी के लिए टीईटी मुनक्कीद किया गया जिस में 2 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार ने मुक़ाबला ज़ाती इम्तिहान दिए। महकमा तालीम और बिहार स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड के मुतासीब अफसरान और सवाल सवाल सीट नहीं किए

गुजिशता साल 27 हज़ार उर्दू असातिज़ा के तकर्रुरी के लिए टीईटी मुनक्कीद किया गया जिस में 2 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार ने मुक़ाबला ज़ाती इम्तिहान दिए। महकमा तालीम और बिहार स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड के मुतासीब अफसरान और सवाल सवाल सीट नहीं किए जिसकी वजह से 15 हज़ार 300 उम्मीदवार कामयाब हुये। तकरीबन 12 हज़ार उर्दू असातिज़ा जाफरानी मिजाज के अफ़सरान की वजह से बहाली से महरूम हो गए।

मजकुरह तासीब परस्ती का मंसूबा इस से कबल 12 हज़ार उर्दू असातिज़ा बहाली में भी ऐसी ही हरकतें कर के 8 हज़ार उम्मीदवारों को नाकाम करके मजकुरह खाली जगहों को हिन्दी और दूसरे मुजामीन के गैर मुस्लिम उम्मीदवारों से पूरा कर दिया गया। इस तरह का मंसूबा 27 हज़ार की उर्दू असातिज़ा बहाली में भी फिरकापरस्त अफसरान का है। मजकुरह बातें अदीब, सहाफ़ि और तहरीक उर्दू के सरगर्म कलीम मुनिमि ने अपने प्रेस कोन्फ्रेंस बयान में कहें।

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