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उर्दू ज़बान, जुग़राफ़ियाई हदूद से बालातर ए एल पी प्रोग्राम के तेहत कंप्यूटर्स की मुफ़्त तक़सीम,

हैदराबाद। 29 नवंबर (सियासत न्यूज़) टी सी ऐस टाटा कनसलटनसी सरविस इदारा सियासत के बाहमी इश्तिराक(आपसी मदद) से उर्दू सीखने की सी डी तैय्यार की गई है जिस से तेलगदां अफ़राद को इस से उर्दू सीखने में मदद मिलेगी। इस की रस्म इजरा की तक़रीब म

हैदराबाद। 29 नवंबर (सियासत न्यूज़) टी सी ऐस टाटा कनसलटनसी सरविस इदारा सियासत के बाहमी इश्तिराक(आपसी मदद) से उर्दू सीखने की सी डी तैय्यार की गई है जिस से तेलगदां अफ़राद को इस से उर्दू सीखने में मदद मिलेगी। इस की रस्म इजरा की तक़रीब महबूब हुसैन जिगर हाल अहाता सियासत आबिडस पर मुनाक़िद हुई जिस को मुख़ातब करते हुए डाक्टर जैए देशमुख ग्लोबल हैड टी सी एस ने कहा कि अवाम की फ़लाह-ओ-बहबूद के प्रोग्राम को आज ज़िंदगी के मुख़्तलिफ़ शोबा जात से वाबस्ता इदारे रूबा अमल ला रहे हैं। इन की देरीनाख़ाहिश थी कि वो इदारा सियासत का मुशाहिदा करें और आज ख़ुदा ने उन्हें मौक़ा दिया कि वो सियासत के प्लेटफार्म से अवामी ख़िदमात को फ़रोग़ देने वाले इदारा से इश्तिराक करते हुए उर्दू में सी डी तैय्यार की है।

टाटा कनसलटेनसी ने मुल्क के 22 ज़बानों में ऐसे सॉफ्टवेर तैय्यार करने का प्रोग्राम बनाया है उन्हों ने इदारा सियासत कि काविशों की सताइश की और कहा कि सिर्फ सियासत हि फ़लाही काम क्यों अंजाम दें हर इदारा को आगे आना चाहिये। मैनेजर जनरल बी जी शपोले ने अपनी तक़रीर में कहा कि उर्दू एक मीठी ज़बान है इस के बोलने वाले मुल्क के हर ख़ित्ता में रहते हैं जो अफ़राद उर्दू बोल सकते हैं लेकिन लिखना पढ़ना नहीं जानते। इन के लिए ये सी डी निहायत कारआमद रहेगी और इस से उर्दू सीखने में काफ़ी मदद मिलेगी। उन्हों ने उर्दू की तरक़्क़ी के लिए सियासत की काविशों को सराहा।

इस तक़रीब के मेहमान ख़ुसूसी प्रोफ़ैसर केशव नूरी ने कहा कि मुल़्क की क़ौमीज़बान हिन्दी है इस के बावजूद आज इलाक़ाई ज़बानों के साथ मुल्क भर में 22 ज़बानें बोली जाती हैं। इलाक़ाई ज़बानों से वाक़फ़ीयत भी ज़रूरी है और हमारा इदारा इस के लिए मुख़्तलिफ़ रियास्तों की ज़बानों में सॉफ्टवेर तैय्यार कररहा है। जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ऐडीटर सियासत ने सदारत की और अपनी सदारती तक़रीर में कहा कि उर्दू ज़बान को हिंदूस्तानी ज़बान कहा जाता है। ये मुल्क के कोने कोने में बोली जाती है। उर्दू को हिंदूस्तान में क़ौमी ज़बान का मुक़ाम ना मिला बल्कि ये पाकिस्तान की क़ौमी ज़बान बन गई।

इस के बावजूद पाकिस्तान के मुख़्तलिफ़ सूबा जात में वहां की मुक़ामी ज़बानें बोली जाती हैं। जबकि उर्दू हिंदूस्तान में शुमाल से जुनूब तक और मशरिक़ से मग़रिब तक हर ख़ित्ता में बोली जाती है। सियासत के वेबसाइट पर एक माह में दुनिया के 170 ममालिक से 9 लाख से ज़ाइद अफ़राद इनटरनेट पर अख़बार का मुताला करते हैं। उर्दू दुनिया के 3444 शहरों में अख़बार सियासत इनटरनेट पर पढ़ा जाता है जिस से अंदाज़ा होता है कि उर्दू दुनिया के किन किन शहरों में पढ़ी जाती है। उन्हों ने प्रोफ़ैसर देशमुख की तक़रीर के हवाला से कहा कि हम के लफ़्ज़ से जो इत्तिहाद मिलता है इस में हिन्दू और मुस्लमान मिल कर जो काम अंजाम देंगे वो इत्तिहाद के साथ मुस्तहकम होगा और तरक़्क़ी करेगा।

जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने मुअज़्ज़िज़ मेहमानान को गुलदस्ते पेश किये। इबतदा-ए-में जनाब अज़मत ने ख़ौरमक़दम किया और इदारा सियासत के साथ TCS के इश्तिराक की तफ़सीलात बताई। इस मौक़ा पर ALP प्रोग्राम के तेहत हैदराबाद, अज़ला के इलावा पंजाब मालेर कोटला, झारखंड, मेवात, गुजरात के इदारों को मुफ़्त कंप्यूटर्स दिए गए। जनाबज़ाहिद फ़ारूक़ी प्रोग्राम को आर्डीनेटर थे। एम ए हमीद ने निज़ामत के फ़राइज़ अंजाम दिये। इस तक़रीब में मुल्क के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात से इदारों के ज़िम्मा दारान ने शिरकत की।

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