Sunday , December 17 2017

उर्दू टीचर्स की जायदादें मौजूद उम्मीदवार नदारद

तेलंगाना के डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर के श्रीहरी ने रियासती क़ानूनसाज़ कौंसिल को मतला किया कि मुस्तहिक़ अहल उम्मीदवारों की अदम दस्तयाबी के सबब उर्दू टीचर्स की कई जायदादें मख़लवा हैं।

तेलंगाना के डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर के श्रीहरी ने रियासती क़ानूनसाज़ कौंसिल को मतला किया कि मुस्तहिक़ अहल उम्मीदवारों की अदम दस्तयाबी के सबब उर्दू टीचर्स की कई जायदादें मख़लवा हैं।

श्रीहरी ने वकफ़ा-ए-सवालात के दौरान इस मसले पर उठाए गए सवालात पर जवाब दिया कि डी एससी 2008 के ज़रीया 326 मख़लवा जायदादों पर भर्तियां की गईं। दर्ज फ़हरिस्त तबक़ात-ओ-क़बाइल और ख़वातीन के ज़मुरा के तहत महफ़ूज़ 285 जायदादों पर मौज़ूं उम्मीदवार दस्तयाब नहीं हुए।

इस से पहले डी एससी के तहत टीचर्स की 145 जायदादों के मिनजुमला सिर्फ़ तीन भर्तियां की जा सकीं थीं। डी एससी 2012 के तहत निशानदेही शूदा 731 जायदादों के मिनजुमला हुकूमत को सिर्फ़ 405 मौज़ूं उम्मीदवार भरतीयों के लिए दस्तयाब होसके। डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर ने कि रियासती हुकूमत उर्दू ज़बान की तरक़्क़ी के वादे की पाबंद है और उर्दू टीचर्स की मख़लवा जायदादें पर करने के लिए तमाम ज़रूरी इक़दामात किए जाऐंगे।

TOPPOPULARRECENT