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उर्दू मीडियम इक़ामती(रेजिडेनशियल) जूनियर कॉलिजेस अंग्रेज़ी मीडियम मे तबदील

रियासत आंधरा प्रदेश में मौजूद 4 उर्दू मीडियम इक़ामती(रेजिडेनशियल) जूनियर कॉलिजेस में दाख़िलों को अंग्रेज़ी मीडियम तलबा से पुर(भरती) करते हुए बिलवासता तौर पर इन इक़ामती(रेजिडेनशियल) जूनियर कॉलिजेस को अंग्रेज़ी मीडियम में तब्दील कर दिया गया है । रियासती हुकूमत की जानिब से चलाए जाने वाले इन इक़ामती(रेजिडेनशियल) उर्दू मीडियम जूनियर कॉलिजेस में अंग्रेज़ी मीडियम के तलबा को दाख़िला दीए जाने से एसा महसूस होता है कि रियासती हुकूमत हर सतह से उर्दू ज़बान को ख़त्म करने की कोशिशों में मसरूफ़ है ।

आंधरा प्रदेश रे सीड नशील एजूकेशनल इंस्टी टयूशंस सुसाइटी के ज़ेर इंतिज़ाम चलाए जाने वाले उन कॉलिजेस में तालीमी साल 2012-13 के लिये जो दाख़िला दीए गए हैं इस से उर्दू दां तबक़ा तशवीश में मुबतला है । आंधरा प्रदेश रेसीडनशयल एजूकेशनल इंस्टी टयूशंस सोसाइटी की ज़ेर निगरानी 4 उर्दू मीडियम इक़ामती(रेजिडेनशियल) जूनियर कॉलिजेस जो कि हैदराबाद , निज़ाम आबाद ,

कुरनूल और गुंटूर में क़ायम हैं इन में जुमला 920 नशिस्तें मौजूद हैं इन तमाम 920 नशिस्तों पर जब गैर उर्दू दां तबक़ा को दाख़िला दिया जाएगा तो मुस्तक़बिल में उर्दू ज़रीया तालीम से कामयाब तलबा की बतदरीज कमी वाक़ै होती जाएगी । जिस के नतीजा में उर्दू को एक मर्तबा फिर रोज़गार से अलहदा तसव्वुर किया जाने लगेगा ।

हुकूमत एक जानिब उर्दू को रोज़गार से मरबूत करने के इक़दामात का तज़किरा करती है तो दूसरी जानिब हुकूमत के ये सरकारी इदारे अपने इस तरह के इक़दामात के ज़रीया ये तास्सुर देने की कोशिश करते हैं कि उर्दू ज़बान से उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है ।रियासत में उर्दू के फ़रोग़ , तरवीज-ओ-इशाअत के लिये हुकूमत ने आंधरा प्रदेश रियासती उर्दू एकेडेमी का क़ियाम अमल में लाया लेकिन इस इदारे के ज़रीया उर्दू की बक़ा-ओ-तहफ़्फ़ुज़ के लिये कोई इक़दामात होते नज़र नहीं आते ।

उर्दू एकेडेमी एक ख़ुदमुख़तार इदारा होने के बावजूद उर्दू के साथ होने वाली ना इंसाफ़ियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कार्रवाई से क़ासिर है । इक़ामती(रेजिडेनशियल) उर्दू मीडियम जूनियर कॉलिजेस में जहां तलबा को क़ियाम-ओ-ताम के साथ तालीम फ़राहम की जाती है मैं एंटर साल अव्वल और दोम के लिये हर एस्ट्रियम में अलहदा अलहदा नशिस्तें मंज़ूर की गई हैं ।

यम पी सी के लिये 40 बराए साल अव्वल और 40 बराए साल दोम नशिस्तें मौजूद हैं इसी तरह बी पी सी के लिये भी 40 बराए साल अव्वल और 40 बराए साल दोम नशिस्तें हैं । सी ई सी के लिये हर कॉलिज में 35 नशिस्तें बराए साल और 35 नशिस्तें बराए साल दोम मौजूद हैं इस तरह 4 कॉलिजेस में जुमला 920 नशिस्तें हैं जिन्हें इस साल अंग्रेज़ी मीडियम के तलबा से पर किया गया है ।

तेलंगाना उर्दू टीचर्स एसोसी उष्ण ने ए पी आर आई उस की जानिब से किए गए इस इक़दाम की शदीद मुज़म्मत करते हुए इल्ज़ाम आइद किया कि ए पी आर आई उस की जानिब से बाज़ाबता क़वानीन की ख़िलाफ़वरज़ी करते हुए लिसानी(जुबानी) अक़लियत को उन के हुक़ूक़ से महरूम किया जा रहा है ।

मिस्टर मुहम्मद मक़सूद अहमद ने बताया कि उर्दू मीडियम इक़ामती(रेजिडेनशियल) जूनियर कॉलिजेस में उर्दू ज़रीया तालीम रखने वाले मेरिट तलबा को दाख़िला देने के लिये इस सिलसिला में मुताल्लिक़ा ओहदेदारों से टी प्रभाकर , मिस्टर मुहम्मद नसीम उल्लाह , मिस्टर ख़्वाजा नसीर उद्दीन ने नुमाइंदगी की थी ।

जिस पर सेक्रेटरी आंधरा प्रदेश रे सीड नशील एजूकेशनल इंस्टी टयूशंस सोसाइटी मिस्टर जी गोपाल रेड्डी ने इस बात का तीक़न दिया था कि वो उर्दू मीडियम कॉलिजेस की नशिस्तों पर कम अज़ कम निस्फ़ उर्दू मीडियम तलबा को दाख़िला फ़राहम करेंगे ।

तेलंगाना उर्दू टीचर्स एसोसी उष्ण के बमूजोब() इन 4 कॉलिजेस में एक भी उर्दू ज़रीया तालीम रखने वाले तालिब-ए-इल्म को दाख़िला फ़राहम नहीं किया गया ।।

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