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उर्दू शिक्षा की वर्तमान स्थिति दुखद

हैदराबाद: अहमद रशीद शरवानी का हैदराबाद में स्वगत‌ और यहां अपने प्रवास के हिसाब से नवाब शाह-आलम ख़ां ने अपने घर‌ स्थित बरकत पुरा में उनका स्वागत करते हुए एक‌ समारोह आयोजित किया, जिसमें हैदराबाद की कई साहित्यिक और बौद्धिक व्यक्तियों ने भाग लिया।

शुरुआत में मुख्य अतिथि अहमद रशीद शरवानी और उनकी पत्नी का स्वागत करते हुए नवाब शाह आलम खां ने कहा कि अहमद रशीद शरवानी यूपी के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक खानवादे के हैं और अपने बुजुर्गों की राष्ट्रीय सेवा मूल्यवान हैं। इस अनौपचारिक समारोह हेतु प्रयत्न ये है कि हैदराबाद के बौद्धिक और साहित्यिक हस्तिया उनके विचारों से लाभान्वित है और शरवानी हैदराबाद के कुछ ज्ञान हस्तियों से वाक़िफ है। शरवानी ने अपने भाषण में मुसलमानों में शिक्षा को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने उर्दू शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब वह स्कूल में विद्यार्थी थे तो उर्दू द्वारा शिक्षा दलों में छात्र बड़ी संख्या में होते थे। आज मामला विपरीत है। उन्होंने कहा कि अगर आज उर्दू भाषा अपनी भाषा संरक्षण का संकल्प लें तो दुनिया की कोई ताकत उर्दू के रास्ते में आड़े नहीं हो सकती लेकिन अगर उर्दू वाले खुद अपनी भाषा असंवेदनशील बरतें तो दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत भी उर्दू को सही जगह नहीं दिला सकती।

प्रमुख हास्य लेखक मुजतबा हुसैन ने अहमद रशीद शरवानी का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि अहमद रशीद शरवानी उर्दू लिए हमा तन व्यस्त रहे हैं और बहुत साहसी तरीके से उर्दू की शिक्षा और उर्दू की पाठ्य पुस्तकें समय पर मुद्रित के लिए सफल प्रयास किया है। संपादक शिगूफा डॉक्टर मुस्तफा कमाल ने हैदराबाद की गंगा जमनी सभ्यता का उल्लेख किया और नवाब शाह आलम खां के नेतृत्व की प्रशंसा की।

जामिया उस्मानिया और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में उर्दू के पूर्व राष्ट्रपति विभाग प्रोफेसर बैग भावना अहमदरशीद शरवानी से अपने संपर्कों का उल्लेख किया और नवाब शाह आलम को इस सुखद gamers के आयोजन पर बधाई दी। इस महफ़िल में कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद थीं। जिनमें ज़हीरउद्दीन अली ख़ान मनीजिंग ऐडीटर सियासत, लक्ष्मी देवी राज पूर्व वाइस चांसलर डॉ अकबर अली खान, तुराब उल-हसन आई ए ऐस नसीमा तुराब उल-हसन अनवार उल-उलूम कॉलेज के प्रोफेसर्स, इफ़्तिख़ार हुसैन फ़िदा अली आदि शामिल हैं। बाद में एक विशेष प्रबन्ध रात्रिभोज आदेश दिया गया। सभा का संचालन सैयद इमतियाज़ दीन ने अंजाम दिया। आनंद राज वर्मा ने अंत में शुक्रिया अदा किया।

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