Sunday , December 17 2017

उलफ़ा के दो कारकुनों की हथियारों और गोला बारूद के साथ ख़ुदसपुर्दगी

डबरु गढ़ 13 जुलाई : उलफ़ा के दो शोरिश पसंदों ने अपने हथियारों और गोला बारूद के साथ आसाम के ज़िला डबरु गढ़ में फ़ौज के आगे हथियार डाल दिए।

डबरु गढ़ 13 जुलाई : उलफ़ा के दो शोरिश पसंदों ने अपने हथियारों और गोला बारूद के साथ आसाम के ज़िला डबरु गढ़ में फ़ौज के आगे हथियार डाल दिए।

पप्पू बरवा उर्फ़ जा नोइक दीप असूम और चितरंजन दास उर्फ़ अवीकया असूम ने 5 जय के लाईट रेजीमेंट ऑफीसर्स, 2 इटली के साख़ता पिस्तौल, तीन मैग्ज़ीन्स, 10 कारतूसों और एक दस्ती बम के साथ हथियार डाल दिए। पप्पू बरवा चाबवा मोडाई देहात और चितरंजन दास सोरसज देहात ज़िला जोरहाट का रहने वाले है।

दोनों जुलाई 2010 में उलफ़ा में शामिल हुए थे। छापा जंग की तर्बीयत हासिल की जो मियांमार में क़ायम उलफ़ा के कैम्पों में दी गई थी। वो उलफ़ा के कैम्पों में कुछ वक़्त तक इंतिज़ामी फ़राइज़ अंजाम देते रहे। इसके बाद उन्हीं बालाई आसाम में रास्त कार्रवाई के लिए तैनात‌ किया गया।

इस के बाद‌ उलफ़ा का नजातदिहंदा ग्रुप ने जिस की क़ियादत कमांडर इन चीफ़ प्रवेश बरवा करते थे , अपने अरकान के हथियार डालने पर एलान‌ कर दिया था।

TOPPOPULARRECENT