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उस्ताद जाकिर हुसैन, जिन्होंने हुनर के दम पर शास्त्रीय संगीत को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाया

ज़ाकिर हुसैन के जन्मदिन विशेष में आज हम आपको बताने का रहे हैं उनके करियर से जुड़ी कुछ अहम बातों को, जो शायद ही कोई जानता होगा।

ज़ाकिर एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तबला वादक हैं, जिन्होंने अपने हुनर के दम पर शास्त्रीय संगीत को एक अंतर्राष्ट्रीय दर्जा हासिल करवाया। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानते हैं उनके करियर से जुड़ी ख़ास बातों को।

साल 1991 में ज़ाकिर हुसैन का पहला प्लेनेट ड्रम एल्बम रिलीज़ किया गया था। यह इतना लोकप्रिय हुआ था कि इसके लिए उन्हें साल 1992 में ग्रैमी अवॉर्ड का भी सम्मान मिल चूका है।

ज़ाकिर की प्रतिभा और संगीत के प्रति उनके डेडिकेशन को देखते हुए ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट एंड टूर ने ज़ाकिर समेत तीन और कलाकारों को खरीद लिया था। इस तरह के चेंज के बाद इस ग्रुप ने 8 फरवरी 2009 को ग्रैमी अवॉर्ड भी जीता था।

हिंदी सिनेमा के साथ ज़ाकिर ने मलयालम फिल्म में भी अपना काफी योगदान दिया। उन्होंने न केवल संगीतकार बल्कि मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के कार्यकर्ता और संगीत सलाहकार के रूप में भी काम किया है।

अपनी काबिलियत के लिए ज़ाकिर को तमाम अवॉर्ड्स से नवाज़ा जा चूका है। ज़ाकिर ने साल 2000 में इस्तानबुल इंटरनेशनल फिल्म फेटिवल में भी पुरस्कार जीता है, साथ ही मुंबई फिल्म फेस्टिवल के तहत कई अवार्ड्स को वह अपने नाम कर चुके हैं।

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