उड़ीशा के साबिक़ माओनवाज़ की ख़ुदसपुर्दगी

उड़ीशा के साबिक़ माओनवाज़ की ख़ुदसपुर्दगी
मलकानगिरी, 10 अप्रेल: एक सख़्त गीर माओसट जो मुतअद्दिद जराइम में बिशमोल सेक्यूरिटी अफ़्वाज पर हमले में शामिल था, उन्होंने आज मलकानगिरी में पुलिस के रूबरू ख़ुदसपुर्दगी इख़तियार करली जिस की शनाख़्त संदीप माधी उर्फ़ सुनील की हैसियत से

मलकानगिरी, 10 अप्रेल: एक सख़्त गीर माओसट जो मुतअद्दिद जराइम में बिशमोल सेक्यूरिटी अफ़्वाज पर हमले में शामिल था, उन्होंने आज मलकानगिरी में पुलिस के रूबरू ख़ुदसपुर्दगी इख़तियार करली जिस की शनाख़्त संदीप माधी उर्फ़ सुनील की हैसियत से हुई है जिस की उमर 25 साल बताई गई है। दरीं असना मलकानगिरी के पुलिस सुपरनटेनडंट अखीलीशोर सिंह ने कहा कि संदीप माधी चूँकि काफ़ी अर्से से बीमार है और माउसटों की सरगर्मियों से नालां है, लिहाज़ा इस ने बेहतरी इसी में समझी कि पुलिस के रूबरू ख़ुद सपुर्द होजाए।

इस ने 2006‍ में माउस्ट तंज़ीम में शमूलियत इख़तियार करने के बाद कई पुरतशद्दुद वाक़ियात में इस ने अहम रोल अदा किया था जिस में पुजारी गौड़ा में पुलिस के साथ एनकाउंटर का वाक़िया भी शामिल है। 2012 में संदीप ने तंज़ीम से अलैह्दगी इख़तियार करूं और ख़ुद माउसटों और पुलिस से बचने के लिए रूपोशी इख़तियार करली।

इस ने सोचा कि इस तरह दरबदर फिरने से कोई फ़ायदा नहीं। या तो एक रोज़ ख़ुद इस के साथी उसे हलाक करदेंगे या वो पुलिस के हाथों मारा जाएगा। लिहाज़ा ख़ुदसपुर्दगी इख़तियार करते हुए संदीप ने क़ौमी धारे में शामिल होने का फ़ैसला करलिया।

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