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एक ईमानदार अफसर की कुर्बानी, एसेम्बली रुक्न का ब्लैकमेल

झारखंड के एक ईमानदार अफसर को एक एसेम्बली रुक्न अपने ओहदे और खुसुसि एख्तियार की ताकत पर मुसलसल परेशान करने में लगे हैं। एसेम्बली रुक्न की बात नहीं मानने पर इल्ज़ाम लगा कर पहले इस्तेहक़ाक की खिलाफवर्जी का मामला लाया। फिर इस अफसर को

झारखंड के एक ईमानदार अफसर को एक एसेम्बली रुक्न अपने ओहदे और खुसुसि एख्तियार की ताकत पर मुसलसल परेशान करने में लगे हैं। एसेम्बली रुक्न की बात नहीं मानने पर इल्ज़ाम लगा कर पहले इस्तेहक़ाक की खिलाफवर्जी का मामला लाया। फिर इस अफसर को जब प्रोमोशन देकर आइएएस बनाने का वक़्त आया तो एसेम्बली रुक्न ने इसे रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी।

दिलीप झा रियासत इंतेजामी खिदमत के सीनियर अफसर हैं। उनकी पहचान रियासत के ईमानदार अफसरों में है। खबर है कि आइएएस में इनकी प्रोमोशन नहीं हो, इसके लिए गोड्डा के एसेम्बली रुक्न संजय प्रसाद यादव मुसलसल कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने इस्तेहकाक़ खिलाफवर्जी का भी सहारा लिया है। दिलीप झा वही अफसर हैं, जिन्होंने एसेम्बली रुक्न के खिलाफ इल्ज़ामात की तफ़सीश की थी। इस तफ़सीश से एसेम्बली रुक्न के करोड़ों रुपये फंस गये। इसके अलावा एसेम्बली रुक्न से जुड़ी कंपनी की तरफ से गैर कानूनी कानकुनी करने का मामला उजागर हुआ था। एसेम्बली रुक्न मिस्टर यादव अभी खुद राज्यसभा इंतिखाबात में हुई हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में सीबीआइ जांच के दायरे में हैं।

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