Monday , December 18 2017

एक और कांग्रेस रुक्न (सदस्यीय) असेंबली जगन के साथ

कांग्रेस के रुक्न (सदस्यीय) असेंबली एस के रनगा रावने आज अपने हामीयों के साथ वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी में शमूलीयत इख़तियार करली और ज़िमनीइंतिख़ाबात(उप चुनाव) के बाद रियासत में बड़े पैमाने पर सियासी तबदीली का इद्दिआ (दावा) किया।

कांग्रेस के रुक्न (सदस्यीय) असेंबली एस के रनगा रावने आज अपने हामीयों के साथ वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी में शमूलीयत इख़तियार करली और ज़िमनीइंतिख़ाबात(उप चुनाव) के बाद रियासत में बड़े पैमाने पर सियासी तबदीली का इद्दिआ (दावा) किया।

25 मई को जगन मोहन रेड्डी के साथ दिलकुशा गेस्ट हाउस पहुंच कर कांग्रेस को झटका देने वाले बबली असेंबली हलक़ा की नुमाइंदगी करने वाले कांग्रेस रुक्न (सदस्यीय) असेंबली रनगा राव को कांग्रेस पार्टी ने वजह नुमाई नोटिस देते हुए 4 जून को जवाब तलब किया था।

मगर 4 जून को प्रदेश कांग्रेस तादीबी कमेटी के रूबरू हाज़िर होने की बजाय उन्हों ने कांग्रेस के रुक्न (सदस्यीय)असेंबली ए नानी के साथ असेंबली पहुंच कर स्पीकर असेंबली को अपना इस्तीफ़ा पेश करदिया था।

स्पीकर की जानिब से चार दिन तक कोई फ़ैसला ना करने पर आज अपने भाई साबिक़ म्यूनसिंपल चेयरमैन बबली ना रायना और दीगर (दूसरे) हामीयों के साथ वाई ऐस आर कांग्रेस ऑफ़िस पहुंच कर वाई वी सुबह रेड्डी से मुलाक़ात की और वाई ऐस आर कांग्रेस की रुकनीयत क़बूल करते हुए पार्टी में शमूलीयत इख़तियार करली।

बादअज़ां (उसके) उन्हों ने मीडीया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस को रियासत और मर्कज़ में दो मर्तबा इक़तिदार तक पहुंचाने में अहम रोल अदा करने वाले डाक्टर राज शेखर रेड्डी की कांग्रेस पार्टी तौहीन कर रही है, उन के अरकान ख़ानदान को हरासाँ किया जा रहा है और जगन को मुनज़्ज़म साज़िश के तहत जेल में रखा गया है,

जिस से दिलबर्दाशता होकर वो कांग्रेस और असेंबली की रुकनीयत से मुस्ताफ़ी हो गए हैं। उन्हों ने कहा कि इन की सयासी ज़िंदगी डाक्टर राज शेखर रेड्डी की मरहून-ए-मिन्नत (दैन)है। 2004 और 2009-में डाक्टर राज शेखर रेड्डी की वजह से वो असेंबली के लिए मुंतख़ब हुए थे,

लिहाज़ा अब मुसीबत के वक़्त वो अज़ीम क़ाइद के अरकान ख़ानदान का साथ देने का फ़ैसला कर चुके हैं। उन्हों ने कहा कि 12 जून को मुनाक़िद शुदणी ज़िमनी इंतिख़ाबात में वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी तमाम हलक़ों में भारी अक्सरीयत से कामयाबी हासिल करेगी

और नताइज के बाद रियासत की सियासत में बड़े पैमाने पर तबदीली देखने को मिलेगी।

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