एक और पत्रकार की मौत के बाद सऊदी अरब में हड़कंप, मुश्किलें बढ़ी!

एक और पत्रकार की मौत के बाद सऊदी अरब में हड़कंप, मुश्किलें बढ़ी!

असंतुष्ट पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मचे हड़कंप से अभी पीछा नहीं छूटा कि सऊदी शासन के सामने एक और मुसीबत खड़ी हो गयी। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की जेल में हिरासत में यातना से एक पत्रकार व लेखक की मौत हो गयी।

सऊदी अरब में मानवाधिकार को बढ़ावा देने की कोशिश में लगे एक ग़ैर सरकारी मानवाधिकार संगठन “प्रिज़नर्स ऑफ़ कॉन्शन्स” ने अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर एलान किया कि तुर्की बिन अब्दुल अज़ीज़ अलजासिर की जेल में आपराधिक मामले से जुड़ी पूछताछ के दौरान गंभीर यातना से मौत हो गयी।

सऊदी शासन का दावा है कि जासिर ट्वीटर पर ‘कश्कोल’ नामक अकाउंट चलाते थे जिससे सऊदी अरब में शाही परिवार और बड़े अधाकरियों द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघन का पर्दाफ़ाश हुआ था।

कई सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब की साइबर जासूसी टीम द्वारा दुबई में ट्वीटर के मुख्यालय में घुसपैठ के बाद, आले सऊद शासन को जासिर की वास्तविक पहचान का पता चला। इस टीम का गठन सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान के पूर्व मुख्य सलाहकार सऊद अलक़हतानी ने किया था।

क़हतानी ही वह व्यक्ति है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसने ही रियाज़ शासन के आलोचकों, बुद्धिजीवियों और धर्म प्रचारकों के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया अभियान की बुनियाद रखी।

क़हतानी को सऊदी अरब के आलोचक पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराए जाने के बाद, पद से हटा दिया गया। क़हतानी ने अगस्त 2017 में एक ट्वीट में कहा था कि ट्वीटर पर सऊदी शाही परिवार की आलोचना वाले अकाउंट के पीछे जो लोग हैं वे फ़र्ज़ी नाम बच नहीं पाएंगे।

साभार- ‘parstoday.com’

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