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एक रुत्बा एक ओहदा स्कीम पर तनाज़ा बरक़रार

नई दिल्ली: हुकूमत ने आज ये ऐलान किया है कि एक रुत्बा एक वज़ीफ़ा का देरीना मुतालिबा क़बूल कर लिया गया है लेकिन साबिक़ फ़ौजीयों ने इस फ़ैसले को मुस्तरद करते हुए उनका 48 रोज़ा एहतेजाज जारी रहेगा। वज़ीर-ए-दिफ़ा मनोहर पारीकर ने ये ऐलान किया कि हुकूमत ने ओ आर ओ पी स्कीम पर अमलावरी का फ़ैसला किया है जिसके तहत हर 5 साल में एक मर्तबा वज़ीफे पर नज़रेसानी की जाएगी।

इस के बरख़िलाफ़ साबिक़ फ़ौजीयों का मुतालिबा है कि 2 साल में एक मर्तबा ये नज़रेसानी होनी चाहिए। इन्होंने बताया कि एक रुत्बा । एक वज़ीफ़ा स्कीम का इतलाक़ अगर कैलेंडर साल 2013 से होगा लेकिन अमलावरी जुलाई 2014 से किया जाएगा। ताहम इन्होंने ये वज़ाहत की कि रज़ाकाराना सुबुक़‌दोशी इख़तियार करने वाले साबिक़ फ़ौजी स्कीम के अहल नहीं होंगे।

वज़ीर-ए-दिफ़ा ने बताया कि हुकूमत ने स्कीम पर अमलावरी के तरीका-ए-कार को क़तईयत देने के लिए एक रुकनी जोडिशील कमेटी तशकील देगी जोकि अंदरून 6 माह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। हुकूमत के इस फ़ैसले पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए एहतेजाजी साबिक़ फ़ौजीयों के लीडर मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा कि अगर वो ओ आर ओ पी पर अमलावरी के लिए हुकूमत के इरादों से मुतमइन नहीं लेकिन स्कीम के मुजव्वज़ा क़वाइद उन्हें काबिल-ए-क़बूल नहीं हैं।

इन्होंने कहा कि एक रुकनी जोडिशील कमेटी की तशकील भी हमें नामंज़ूर है। मेजर सतबीर सिंह मुख़्तलिफ़ मसाइल पर हुकूमत ने वज़ाहत तलबी का इसरार करते हुए कहा कि साबिक़ फ़ौजीयों का एहतेजाज जारी रहेगा और मुस्तक़बिल के लायेहा-ए-अमल का बहुत जल्द ऐलान किया जाएगा।

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