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एक रुपया किलो चावल स्कीम मुल्क भर में मुतआरिफ़ करने की तजवीज़

हैदराबाद 9 नवंबर (सियासत न्यूज़) रियासत आंधरा प्रदेश सतह ग़ुर्बत से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले ख़ानदानों को मुख़्तलिफ़ फ़लाही असकीमात के ज़रीया फ़ायदा पहुंचाने के मुआमला में दीगर रियास्तों से आगे है। यौम तासीस आंधरा प्रदेश के मौक़ा पर

हैदराबाद 9 नवंबर (सियासत न्यूज़) रियासत आंधरा प्रदेश सतह ग़ुर्बत से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले ख़ानदानों को मुख़्तलिफ़ फ़लाही असकीमात के ज़रीया फ़ायदा पहुंचाने के मुआमला में दीगर रियास्तों से आगे है। यौम तासीस आंधरा प्रदेश के मौक़ा पर चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने सदर नशीन यू पी ए सोनीया गांधी की रहनुमाई में एक रुपया किलो चावल स्कीम शुरू की जो एक मिसाल बन चुकी है। रियासत की तारीख़ में पहली मर्तबा ऐसी मुनफ़रिद स्कीम मुतआरिफ़ की गई है और मुल्क भर में ये एक मिसाली प्रोग्राम बन चुका है।

समझा जाता है कि ग़िज़ाई तहफ़्फ़ुज़ प्रोग्राम के हिस्सा के तौर पर मुल्क भर में सतह ग़ुर्बत से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले ख़ानदानों के लिए एक रुपया किलो चावल स्कीम पर अमल किया जाएगा। कमिशनर सियोल स्पलाईज़ ने बताया कि रियासत में इस स्कीम का हौसला अफ़ज़ा-ए-रद्द-ए-अमल देखा गया। यक्म नवंबर को स्कीम के आग़ाज़ से अब तक 45 फ़ीसद ख़ानदानों ने इस से इस्तिफ़ादा किया। विशाखापटनम, कुरनूल और निज़ाम आबाद अज़ला में इस स्कीम का काफ़ी बेहतर मुज़ाहरा रहा जहां तक़रीबन 66 फ़ीसद ख़ानदानों ने इस्तिफ़ादा किया।

जबकि हैदराबाद और दीगर शहरी इलाक़ों में स्कीम पर अमल आवरी का फ़ीसद 23 रहा। उन्हों ने तवक़्क़ो ज़ाहिर की कि माह नवंबर के ख़तम तक बिलख़सूस देही इलाक़ों में मज़ीद बेहतरी आएगी। समझा जाता है कि ए आई सी सी जनरल सैक्रेटरी राहुल गांधी एक रुपया किलो चावल स्कीम में काफ़ी दिलचस्पी ले रहे हैं। इन की ये राय है कि ऐसी स्कीम ग़रीब अवाम के लिए पुरकशश साबित होगी। यू पी ए हुकूमत का भी ये एहसास है कि ग़िज़ाई तहफ़्फ़ुज़ बल के हिस्सा के तौर पर एक रुपया किलो चावल स्कीम कुमलक भर में मुतआरिफ़ किया जाई। मुजव्वज़ा ग़िज़ाई तहफ़्फ़ुज़ बल उस वक़्त तैय्यार है, जिस का मक़सद देही इलाक़ों में 75 फ़ीसद और शहरी इलाक़ों में 50 फ़ीसद अवाम को फ़ायदा पहुंचाना है।

इस के इलावा अवामी निज़ाम तक़सीम, ज़रई तरक़्क़ी और हुसूल केलिए 2.5 लाख करोड़ रुपय की रक़म सिर्फ़ करने का तख़मीना किया गया है। मर्कज़ी काबीना की मंज़ूरी के बाद ये बिल पार्लीमैंट के सरमाई सैशन में पेश किया जाएगा। इस बिल में सोनीया गांधी की ज़ेर-ए-क़ियादत क़ौमी मुशावरती कौंसल की कई सिफ़ारिशात को शामिल किया गया है।

चीफ़ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी की जानिब से शुरू की गई एक रुपया किलो चावल की स्कीम के ज़रीया रियासत में 2.25 करोड़ ख़ानदानों और 7.5 करोड़ आबादी को फ़ायदा होगा। सतह ग़ुर्बत से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले ख़ानदानों की तादाद 2.01 करोड़ और आबादी 6.8 करोड़ है। रचा बंडा II में नए राशन कार्ड्स 24 लाख ख़ानदानों और 70 लाख आबादी को जारी किए जाएंगे।

2 रुपय किलो चावल स्कीम केलिए सब्सीडी 2 हज़ार करोड़ रुपय थी जबकि एक रुपया किलो चावल स्कीम पर सालाना सब्सीडी 2 हज़ार 600 करोड़ रुपय होगे। रियास्ती हुकूमत पर आइद होने वाला इज़ाफ़ी बोझ 600 करोड़ रुपय होगा। इस स्कीम केलिए माहाना 3.3 लाख मैट्रिक टन चावल की ज़रूरत होगी। रचा बंडा I के दौरान 30 लाख नए सफ़ैद राशन कार्ड जारी किए गए थी। रियासत भर में सफ़ैद राशन कार्ड गीरनदों को एक रुपया किलो चावल के इलावा पैंशन, इमकना और आरोग्य श्री कार्ड्स के ज़रीया भी फ़ायदा पहूँचा या जा रहा है।

71 लाख अफ़राद मुअम्मर, बेवा, बंकर और माज़ूर के ज़मरों के तहत पैंशन के लिए अहल हैं। रियासत में 2.25 करोड़ आबादी को मयारी तिब्बी सहूलतें कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स में फ़राहम की जा रही हैं। हुकूमत ने इंदिरा माँ हाओज़िंग के तहत तामीरात का भी बड़े पैमाना पर आग़ाज़ किया है। इस प्रोग्राम के तहत 80 लाख से ज़ाइद घरों की मंज़ूरी अमल में आई और 31 लाख मकान पहले ही मुकम्मल होचुके हैं माबक़ी तकमील के मुख़्तलिफ़ मराहिल में हैं।

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