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एक लाख रुपय में शेर 50 हज़ार में हाथी की कफ़ालत

हैदराबाद 22 दिसंबर ( पी टी आई ) हैदराबाद के नहरू ज़वालोजिकल पार्क ने जानवरों की कफ़ालत की स्कीम का आग़ाज़ किया है । इस स्कीम के तहत कॉरपोरेट घराने अफ़राद और दीगर जानवरों की कफ़ालत की ज़िम्मेदारी ले सकते हैं जब कि उन्हें इनकम टैक्स स

हैदराबाद 22 दिसंबर ( पी टी आई ) हैदराबाद के नहरू ज़वालोजिकल पार्क ने जानवरों की कफ़ालत की स्कीम का आग़ाज़ किया है । इस स्कीम के तहत कॉरपोरेट घराने अफ़राद और दीगर जानवरों की कफ़ालत की ज़िम्मेदारी ले सकते हैं जब कि उन्हें इनकम टैक्स से मुस्तसना रखा जाय गा । ज़ौ डायरैक्टर पी मिलेकार जनराव ने पी टी आई को बताया कि जानवरों जैसे बब्बर शेर , शेर , मगरमच्छ , चमपाज़ेवं , बंदर , बिल्लियों और परिन्दों की कफ़ालत ली जा सकती है ।

जानवरों की कफ़ालत की ज़िम्मेदारी लेने वालों को इनकम टैक्स के दफ़ा 80(G) के तहत इनकम टैक्स से इस्तिस्ना दिया जाएगा । उन्हों ने बताया कि कफ़ालत की मुद्दत एक साल , छः माह और तीन माह रहेगी और कफ़ालत की ज़िम्मेदारी लेने वालों के नाम ज़ौक़े बोर्ड पर आवेज़ां किए जाएंगे जब कि इन के लिए ज़ू में दाख़िला मुफ़्त रहेगा । उन्हों ने मज़ीद बताया कि शेर के लिए 1 लाख , हाथी के लिए पच्चास हज़ार , चमपाज़ी के लिए पच्चास हज़ार , मगरमच्छ के लिए दस हज़ार , चीते , बोर बच्चा और रीछ के लिए पच्चास हज़ार ,

लक्कड़ बग्गा लोमड़ी और भेड़ियों के लिए तीस हज़ार रुपय , परिन्दों बशमोल मोर , तोते वगैरह के लिए दस हज़ार रुपय कफ़ालत की रक़म रखी गई है । साल 2011-12 के दरमियान ता हाल सात अफ़राद ने जानवरों की कफ़ालत की ज़िम्मेदारी ली है । ज़ू डायरैक्टर मिलेकार जन राव ने बताया कि इस कफ़ालत स्कीम का मक़सद अवाम के दरमियान जानवरों के देख भाल के मुताल्लिक़ शऊरबेदार करना है । नहरू ज़वालोजिकल पार्क का क़ियाम 1963 में अमल में आया जब कि ज़ौ 380 एकड़ के रकबा पर फैला हुआहै ।।

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