Thursday , June 21 2018

एक शख़्स का 23 साल बाद पता चल गया

मुर्दा तसव्वुर किए जाने वाले एक बंगला देशी को रेडक्रास ने 23 साल की जुस्तजू के बाद बिलआख़िर पाकिस्तान की जेल से ढूंढ निकाला।चटगानग की बंदरगाह पर एक मज़दूर की हैसियत से काम करने वाले बंगलादेशी शहरी मुस्लिम उद्दीन (42 साल) अब अपने वतन और

मुर्दा तसव्वुर किए जाने वाले एक बंगला देशी को रेडक्रास ने 23 साल की जुस्तजू के बाद बिलआख़िर पाकिस्तान की जेल से ढूंढ निकाला।चटगानग की बंदरगाह पर एक मज़दूर की हैसियत से काम करने वाले बंगलादेशी शहरी मुस्लिम उद्दीन (42 साल) अब अपने वतन और घर वापस पहुंच चुके हैं।

ये इत्तिला ग़ैर मुल्की मीडीया ने दी है। ये वाक़िया 1989 का बताया जाता है जब एक सुबह मुस्लिम उद्दीन अपने घर से मामूल के मुताबिक़ ये कह कर निकले कि वो अपने काम पर जा रहे हैं। शाम को जब वो काम से नहीं लौटे और फिर दिन पर दिन गुज़रते गए तो उन के घर वाले सख़्त परेशान हुए।

मुस्लिम के भाई सिकन्दर अली ने बंदरगाह के कई चक्कर काटे और मुस्लिम उद्दीन को ढ़ूढ़ने की हर मुम्किन कोशिश की लेकिन इन का कोई पता नहीं चला। इस तरह वक़्त गुज़रता गया और बिलआख़िर मुस्लिम उद्दीन के अहल-ए-ख़ाना ने हालात के साथ समझौता करते हुए ये मान लिया था कि शायद वो अब इस दुनिया में नहीं रहे।

TOPPOPULARRECENT