Friday , December 15 2017

एडीटर जनरल की यकजहती मशकूक

वज़ीर-ए-क़ानून अश्वनी कुमार ने 2G स्पक्टरम तख़सीसात में 1.76 लाख , करोड़ रुपय के ख़सारा के तख़मीना से मुताल्लिक़ सी ए जी की रिपोर्ट के पसेपर्दा कारफ़रमा हक़ायक़ को मंज़र-ए-आम पर लाने का मांग‌ किया है।

वज़ीर-ए-क़ानून अश्वनी कुमार ने 2G स्पक्टरम तख़सीसात में 1.76 लाख , करोड़ रुपय के ख़सारा के तख़मीना से मुताल्लिक़ सी ए जी की रिपोर्ट के पसेपर्दा कारफ़रमा हक़ायक़ को मंज़र-ए-आम पर लाने का मांग‌ किया है।

उन्होंने इस ज़िमन में ख़ुद सरकारी एडीटर की यकजहती के बारे में भी कई सवालात उठाए हैं। कुमार ने पार्लीमैंट के बाहर अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि यक़ीनन सी ए जी की रिपोर्ट में शामिल बाज़ तफ़सीलात इंतिहाई मशकूक होगई हैं।

अवाम को ये जानने का हक़ है के अख़ज़ करदा नताइज के पसेपर्दा सच्चाई किया है। सी ए जी ने डाक-ओ-मुवासलात के साबिक़ डायरैक्टर जनरल आर पी सिंह की तरफ‌ से 1.76 लाख करोड़ रुपय के तुख़मीनी ख़सारा के बारे में उठाए गए सवालात पर उन्होंने इस रद्द-ए-अमल का इज़हार किया है।

वज़ीर-ए-क़ानून ने कहा कि में समझता हूँ कि पारलीमानी पब्लिक अकाउंट कमेटी और सी ए जी के माबैन बातचीत इस कमेटी के दीगर अरकान के इल्म में लाए बगै़र की गई थी और इस वाक़िया को मंज़र-ए-आम पर लाया जाना चाहीए।

TOPPOPULARRECENT