एनआईए ने विशेष अदालत से आईआरऍफ़ कर्मचारी के लाइ-डिटेक्टर टेस्ट की मांग की

एनआईए ने विशेष अदालत से आईआरऍफ़ कर्मचारी के लाइ-डिटेक्टर टेस्ट की मांग की

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज जाकिर नाईक के नेतृत्व वाले इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के गेस्ट रिलेशनशिप मैनेजर, जिसे कथित रूप से युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, उसके लाइ-डिटेक्टर टेस्ट की मांग विशेष अदालत के सामने रखी है।

एजेंसी ने उसे 30 नवम्बर को दो अन्य के साथ गिरफ्तार किया था। अदालत इस मामले में कल आदेश दे सकती है।

“अर्शी कुरैशी ने टेस्ट के लिए अपनी रज़ामंदी नहीं दी है और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के मुताबिक आरोपी की रज़ामंदी के बगैर यह टेस्ट नहीं किया जा सकता,” कुरैशी के वकील इशरत खान ने कहा।

कुरैशी की ओर से कोर्ट में दायर जवाब में खान ने कहा कि आरोपी से पहले ही केरल पुलिस गहन पूछताछ कर चुकी है, उसके बाद सीबीआई और एनआईए ने भी पूछताछ की है।

कुरैशी और दो अन्य लोगों को कथित तौर पर आइएसआइएस ज्वाइन करने वाले अशफाक के पिता की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

कुरैशी पर अशफाक को आइएसआइएस ज्वाइन करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।

 

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