Tuesday , December 12 2017

एन डी ए हुकूमत को किसान दोस्त क़रार देने पर एतराज़

चेन्नई किसानों के मसाइल पर मर्कज़ के ख़िलाफ़ तन्क़ीदों का सिलसिला जारी रखते हुए एन डी ए की हलीफ़ जमात पी एम के ने आज दरयाफ़त किया कि ये किसान दोस्त हुकूमत कैसे होसकती जब ज़रई कर्ज़ों का शरह सूद फ़सल की क़ीमत ख़रीद से कहीं ज़्यादा हो।

चेन्नई

किसानों के मसाइल पर मर्कज़ के ख़िलाफ़ तन्क़ीदों का सिलसिला जारी रखते हुए एन डी ए की हलीफ़ जमात पी एम के ने आज दरयाफ़त किया कि ये किसान दोस्त हुकूमत कैसे होसकती जब ज़रई कर्ज़ों का शरह सूद फ़सल की क़ीमत ख़रीद से कहीं ज़्यादा हो।

पार्टी के बानी सदर एस रामादॉस ने एक सहाफ़ती बयान में कहा कि मर्कज़ी हुकूमत ने फ़सल की क़ीमत ख़रीद में सिर्फ़ 3 फ़ीसद इज़ाफ़ा किया गया है लेकिन ज़रई क़र्ज़ा की शरह सूद को 11 फ़ीसद कर दिया गया है।

इन हालात में उसे किसान दोस्त हुकूमत नहीं कहा जा सकता। दिल्ली में कल राजस्थान के एक किसान की ख़ुदकुशी पर फ़िक्र वित्र दद का इज़हार करते हुए उन्होंने कहा कि तहफ़्फ़ुज़ ज़रात केलिए वज़ीर-ए-आज़म को फ़राख़दिलाना इक़दामात करनी चाहिए।

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