Friday , June 22 2018

एन सी टी सी की ममता बनर्जी , जया ललीता, मोदी , उमर अबदुल्लाह की जानिब से मुख़ालिफ़त

क़ौमी मर्कज़ बराए इन्सेदाद-ए-दहशतगर्दी (एन सी टी सी) की मुख़ालिफ़त के लिए हुक्मराँ यू पी ए की अहम तरीन हलीफ़ जमात तृणमूल कांग्रेस की सरबराह और ममता बनर्जी ने आज मुतअद्दिद चीफ़ मिनिस़्टरों की क़ियादत की और कहा कि ऐसे किसी इदारा(स‍स्था/विभा

क़ौमी मर्कज़ बराए इन्सेदाद-ए-दहशतगर्दी (एन सी टी सी) की मुख़ालिफ़त के लिए हुक्मराँ यू पी ए की अहम तरीन हलीफ़ जमात तृणमूल कांग्रेस की सरबराह और ममता बनर्जी ने आज मुतअद्दिद चीफ़ मिनिस़्टरों की क़ियादत की और कहा कि ऐसे किसी इदारा(स‍स्था/विभाग) की कोई ज़रूरत नहीं है जबकि दीगर ( अन्य) ग़ैर कांग्रेस रियास्तों के चीफ़ मिनिस़्टरों ने इल्ज़ाम आइद किया (इल्ज़ाम लगाना) कि एन सी टी सी से वफ़ाक़ी ढांचा की ख़िलाफ़वर्ज़ी होगी और मुतालिबा किया कि मुजव्वज़ा क़ानून में बड़े पैमाने पर तब्दीलीयां की जाए।

मग़रिबी बंगाल की चीफ़ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि एन सी टी सी वफ़ाक़ी ढांचा को तबाह कर देगा, क्योंकि ये वफ़ाक़ी निज़ाम से मुतज़ाद ( एक दूसरे से विरुध) है चुनांचे ( इसलिए) मैं हुकूमत से मुतालिबा करती हूँ कि इससे दसतबरदारी इख्तेयार की जाए।

मिस बनर्जी ने कहा कि अमन-ओ-क़ानून रियास्ती हुकूमत का मसला होता है। मर्कज़ और रियास्तों को मुशतर्का तौर पर काम करना चाहीए। गुजरात के चीफ़ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने इसरार किया ( गुप्त रखा) कि तक़रीबन तमाम बड़ी रियास्तों के चीफ़ मिनिस्टर्स ने इस की मुख़ालिफ़त की है और जिन्होंने ताईद ( मदद, सहायता) की उन्हें भी बाअज़ (कुछ ) तहफ़्फुज़ात हैं।

मैं हुकूमत से दरख़ास्त करता हूँ कि वो इस को वक़ार का मसला ना बनाए और फ़िलफ़ौर ( फौरन) दसतबरदारी इख्तेयार की जाए। मोदी ने मर्कज़ पर माज़ी (अंग्रेज़ दौर) के वायसराए के तौर पर काम करने का इल्ज़ाम आइद किया और कहा कि एन सी टी सी कुछ इस अंदाज़ में तर्तीब दिया जा रहा है कि इसके ज़रीया मर्कज़ के वजूद को हर जगह बाक़ी-ओ-बरक़रार रखते हुए रियास्तों को महज़ ( सिर्फ) मर्कज़ पर मुनहसिर रवैत के तौर पर ज़ाहिर किया जा रहा है।

तमिलनाडू की चीफ़ मिनिस्टर जया ललीता ने एन सी टी सी मसला का जायज़ा लेने के लिए चीफ़ मिनिस्टर्स की ज़ेली कमेटी के क़ियाम का मुतालिबा किया। इन के ओडीशा में हम मंसब नवीन पटनायक ने भी उन के नज़रियात की हिमायत की और कहा कि जया ललीता को इस ज़ेली कमेटी की क़ियादत करना चाहीए।

जया ललीता ने मुतालिबा किया कि जेली कमेटी की रिपोर्ट की पेशकशी तक इस पर अमल आवरी को मारज़ अलतवा में रखा जाए। यँहा तक कि कांग्रेस के सीनीयर लीडर और आसाम के चीफ़ मिनिस्टर तरूण गोगोई ने भी एन सी टी सी पर बाअज़ ( कुछ/चंद) तहफ़्फुज़ात का इज़हार किया और कहा कि मैं इस की ताईद (पुष्टी) करता हूँ लेकिन मेरी चंद शर्तें भी हैं।

जम्मू-ओ-कश्मीर के चीफ़ मिनिस्टर उमर अबदुल्लाह ने जो कांग्रेस के हलीफ़ (दोस्त) भी हैं, एन सी टी सी पर चंद ज़हनी तहफ़्फुज़ात का इज़हार किया। इस क़ानून की मौजूदा शक्ल उस को मुसल्लह ( सशस्त्र) फोर्सेस के ख़ुसूसी इख़्तेयारात के क़ानून की तरह इंतिहाई सख़्त तरीन बना देगी।

मिस्टर उम्र अबदुल्लाह ने इंतिहाई (ज़्यादा) मुहज़्ज़ब-ओ-शाइस्ता अंदाज़ में इस तजवीज़ ( प्रस्ताव/ फैसला) को मुस्तर्द करते हुए कहा कि मर्कज़ी मोतमिद दाख़िला आर के सिंह की तरफ़ से गुज़शता माह तलब कर्दा इजलास में उठाए गए चंद मसाएल (समस्या) को मर्कज़ की तरफ़ से नए मुसव्वदा ( प्रारूप) में शामिल नहीं किया गया है।

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