Sunday , July 22 2018

एन सी टी सी , वफ़ाक़ीयत पर ज़रब, रियास्तों के इख़्तेयारात सल्ब

गैरकांग्रेसी और बी जे पी ज़ेर इक़्तिदार रियास्तों के चीफ़ मिनिस्टर्स और कांग्रेस की हलीफ़ ( दोस्त) तृणमूल कांग्रेस ज़ेर-ए-क़ियादत मग़रिबी बंगाल हुकूमत की चीफ़ मिनिस्टर ममता बनर्जी की जानिब से मर्कज़ की आला सतही इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी तंज़

गैरकांग्रेसी और बी जे पी ज़ेर इक़्तिदार रियास्तों के चीफ़ मिनिस्टर्स और कांग्रेस की हलीफ़ ( दोस्त) तृणमूल कांग्रेस ज़ेर-ए-क़ियादत मग़रिबी बंगाल हुकूमत की चीफ़ मिनिस्टर ममता बनर्जी की जानिब से मर्कज़ की आला सतही इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी तंज़ीम एन सी टी सी की मर्कज़ की तजवीज़ के ख़िलाफ़ इल्म बग़ावत बुलंद किया गया और उसे मुल़्क की वफ़ाक़ीयत की जड़ों पर एक ज़रब और रियास्तों के इख़्तेयारात सल्ब करना क़रार दिया गया ।

ताहम मर्कज़ी हुकूमत ने तमाम तन्क़ीदों को मुस्तर्द करते हुए पुख़्ता इरादा ज़ाहिर किया कि वो क़ौम इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी मर्कज़ एन सी टी सी क़ायम करके रहेगी । ये मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम का नज़रिया है । एहतिजाज का आग़ाज़ चीफ़ मिनिस्टर उड़ीसा नवीन पटनायक की जानिब से किया गया ।

जिन्हों ने मग़रिबी बंगाल की चीफ़ मिनिस्टर , बिहार के चीफ़ मिनिस्टर और तमिलनाडू की चीफ़ मिनिस्टर के इलावा तेलगूदेशम के सरबराह साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर आंधरा प्रदेश चंद्रा बाबू नायडू को मुक्तो बात रवाना किए । सब से पहले तृणमूल कांग्रेस की सरबराह ममता बनर्जी ने जो कांग्रेस ज़ेर-ए-क़ियादत मर्कज़ी हुकूमत की हलीफ़ हैं मकतूब का जवाब देते हुए वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से मुतालिबा किया कि वो अपने फ़ैसला पर नज़र-ए-सानी करें और इस से दस्तबरदार हो जाएं ।

एन सी टी सी की तजवीज़ पर फ़िक्रमंदी ज़ाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि ये रियास्तों के वफ़ाक़ी हुक़ूक़ में मुदाख़िलत होगी । उन्हों ने कहा कि ये रियास्ती हुकूमत के लिए ऐसी किसी जांबदाराना कार्रवाई को क़बूल करना मुश्किल होगा जो मर्कज़ी हुकूमत के महिकमा की जानिब से की जाने वाली है और इस के ज़रीया रियास्तों के हुक़ूक़ और मुराआत में जिन की ज़मानत दस्तूर हिंद में दी गई है ख़िलाफ़वर्ज़ी होगी । चीफ़ मिनिस्टर तमिलनाडू जय ललीता ने अपने मकतूब में कहा कि ये तजवीज़ कोताहियों से भरपूर है और इस का क़ियाम रियास्तों के जायज़ हुक़ूक़ में दख़ल अंदाज़ी के मुतरादिफ़ होगा ।

बी जे पी के चीफ़ मिनिस्टर्स गुजरात के नरेंद्र मोदी , मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान और हिमाचल प्रदेश के प्रेम कुमार धूमल ने भी मर्कज़ के इक़दाम के ख़िलाफ़ एहतिजाज की ताईद की । इस हुक्मनामा से फ़ौरी तौर पर दसतबरदारी इख्तेयार करने का इन तमाम चीफ़ मिनिस्टर्स ने मुतालिबा किया । उड़ीशा के चीफ़ मिनिस्टर ने अपने मकतूब में मुतालिबा किया कि एन सी टी सी के क़ियाम से पहले रियास्तों से मश्वरा किया जाए ।

तन्क़ीदों पर जवाबी रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए मर्कज़ी मोतमिद दाख़िला ने कहा कि एन सी टी सी क़ौमी मुफ़ाद में है और उसे मौजूदा क़्वानीन के तहत क़ायम किया जा रहा है । मोतमिद दाख़िला आर के सिंह ने कहा कि एन सी टी सी का क़ियाम गै़रक़ानूनी सरगर्मीयां (इंसिदाद) क़ानून के तहत अमल में आ रहा है जो गुज़श्ता कई साल से नाफ़िज़ उल-अमल है और इस के तहत सयान्ती महिकमे अपने काम अंजाम दे रहे हैं ।

कांग्रेस ने दरीं असना ममता बनर्जी की तन्क़ीद को उन पर ही उलट देने की कोशिश करते हुए निशानदेही की कि अपोज़ीशन ज़ेर इक़्तेदार चंद रियास्तें उस वक़्त एन डी ए का एक हिस्सा थीं जबकि मुतनाज़ा पोटा क़ानून 2002 में मंज़ूर किया गया था । पार्टी की तर्जुमान रेनूका चौधरी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए याददहानी की कि एन डी ए हुकूमत में कई सयासी पार्टीयां शामिल कीं जबकि जाबिराना क़वानीन मंज़ूर किए गए थे ।

बी जे पी के तर्जुमान राजू परताब रूडी ने कहा कि ऎन सी टी सी के क़ियाम की तमाम अपोज़ीशन चीफ़ मिनिस्टर्स बिशमोल यू पी ए की एक हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस की जानिब से मुख़ालिफ़त अमली ऐतबार से मर्कज़ी हुकूमत के ख़िलाफ़ अदमे एतिमाद का इज़हार है ।

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