Friday , July 20 2018

एबीवीपी समर्थकों का इरादा नजीब को जान से मारने का था: चश्मदीद गवाह

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शन को संबोधित करती आइसा नेता कवलप्रीत कौर

एक हफ्ते से लापता जेएनयू के छात्र नजीब के एबीवीपी समर्थकों के साथ विवाद के एक चश्मदीद गवाह छात्र, ने दावा किया है कि एबीवीपी समर्थकों का इरादा नजीब को जान से मारने का था | जैव प्रौद्योगिकी का छात्र नजीब अहमद, एबीवीपी समर्थकों के साथ हुए झगड़े के बाद बीते शनिवार को लापता हो गया था | छात्र के अभिभावकों से मिली शिकायत के बाद वसंत कुंज नॉर्थ थाने में अपहरण और व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक बनाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गयी है |

“मैंने पहली मंजिल पर कुछ शोर सुना। जब मैं नीचे पहुंचा मैंने देखा नजीब के मुंह और नाक से खून बह रहा था। हमने वार्डन को बुलाया और नजीब को चेहरे पर लगे खून को साफ़ करने के लिए बाथरूम में ले गए।“

“लेकिन तभी वहां कुछ छात्र आये और उन्होंने फिर से बाथरूम के अंदर ही नजीब को पीटा। वे चिल्ला रहे थे कि यह बख्शा नहीं जाना चाहिए | इसको 72 हूरों के पास भेजना चाहिए, “शाहिद रजा खान, इंटरनेशनल स्टडीज के जेएनयू के स्कूल (एसआईएस) में एम फिल के छात्र ने बताया।

एबीवीपी ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है |

इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है | आंदोलनकारी छात्रों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुलपति एम जगदीश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लगभग 20 घंटे तक बंधक बनाए रखा |

छात्रों के विरोध के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह लापता छात्र का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दे चुके हैं ।

इस बीच, वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), जो “नजीब को वापस लाओ” नाम से एक अभियान चला रहा है, उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में भी एक विरोध प्रदर्शन किया।

“मुजफ्फरनगर से दादरी और अब जेएनयू, हम देश भर में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के एक पैटर्न को देख रहे हैं | एक शातिर माहौल मुसलमानों को विस्थापित और प्रताड़ित करने के लिए बनाया जा रहा है | हमे इसका डटकर विरोध करना होगा, “आइसा नेता कवलप्रीत कौर ने कहा।

 

 

 

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