Tuesday , April 24 2018

एमएलए की फिक्र थी ‘मौत की धमकियां मिल रही थी’ इस लिए इस्तीफा दिया

बिहार एसेम्बली में अदम एतमाद तजवीज का सामना करने से पहले इस्तीफ़ा देने वाले वजीरे आला जीतन राम मांझी ने कहा है कि उनके हिमायती एमएलए को जान से मारने की धमकियां दी गईं। गवर्नर केसरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद एक प्

बिहार एसेम्बली में अदम एतमाद तजवीज का सामना करने से पहले इस्तीफ़ा देने वाले वजीरे आला जीतन राम मांझी ने कहा है कि उनके हिमायती एमएलए को जान से मारने की धमकियां दी गईं। गवर्नर केसरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद एक प्रेस कोन्फ्रेंस में उन्होंने ये इल्ज़ाम लगाए। उन्होंने कहा कि उनके एमएलए के घरों पर नामालूम लोग निगरानी कर रहे थे। उन्होंने कहा, ”मुझे एसेम्बली सदर के करेक्टर पर भरोसा नहीं था। मुझे डर था कि एसेम्बली में कुछ अनहोनी हो सकती है। हमारे हिमायत एमएलए को बैठने नहीं दिया जा सकता है। ”
मांझी का कहना था कि उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया गया। यहां तक कि काबीना तशकील में भी उनकी राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा, ”मेरे पास तबादलों की फेहरिस्त आती थी और उस पर मुझे बेमन से दस्तख़त करने पड़ते थे.”

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