Wednesday , December 13 2017

एमसीडी द्वारा टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी और दिल्लीवासियों से धोखा: स्वराज इंडिया

दिल्ली की उत्तरी और पूर्वी नगर निगम द्वारा प्रोपर्टी टैक्स में बढ़ोत्तरी के साथ साथ नागरिकों पर नए तरह के टैक्स लगाने के प्रस्ताव को स्वराज इंडिया ने जनविरोधी बताया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि आम जनता द्वारा दिये जा रहे टैक्स में कटौती करने का चुनाव-पूर्व वादा करने वाली बीजेपी ने वादा पूरा करने की बजाए यू-टर्न लेकर दिल्लीवासियों को धोखा दिया है। पहले से ही महंगाई, जीएसटी और कमज़ोर अर्थव्यवस्था की मार झेल रहे लोगों पर एमसीडी द्वारा किया गया एक भद्दा मज़ाक़ है।

पिछले दिनों उत्तरी और पूर्वी निगम ने बेटरमेंट टैक्स और प्रोफ़ेशनल टैक्स के नाम से दो नए तरह के कर लागू करने का प्रस्ताव रखा है। भारी महंगाई झेल रहे तरह तरह के करों से त्रस्त आम जनता की जेब पर ये एक गहरा प्रहार है।

सच्चाई है कि उत्तरी और पूर्वी निगम लगातार घाटे में जा रहे हैं जिसके कारण चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों तक को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा। घाटे में जाने का मुख्य कारण है कि नगर निगम अपने खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन इक्कठा नहीं कर पाती है। निगम के पास फंड की कमी के तीन मुख्य कारण हैं:

  1. वर्तमान टैक्स वसूली में ढिलाई
  2. निगम में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार
  3. चौथे वित्त आयोग की सिफ़ारिश अब तक लागू नहीं किया जाना

ज्ञात हो कि चौथे दिल्ली वित्त आयोग ने दिल्ली सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कुल टैक्स का 12.5% नगर निगम को देने को कहा था। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी सिफ़ारिशों को लागू नहीं किया गया है। इस कारण नगर निगम, विशेषकर पूर्वी और उत्तरी लगातार वित्तीय घाटे में रहते हैं। तनख्वाह नहीं मिलने के कारण सफ़ाई कर्मचारियों को मजबूर होकर अक्सर हड़ताल पर जाना पड़ता है। ऐसे में भ्रष्टाचार पर रोकथाम और टैक्स वसूली बेहतर करने के बजाए नए टैक्स लगाकर आम लोगों की जेब और जीवन पर प्रहार किया जा रहा है।

निगम के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए अनुपम ने कहा कि स्वराज इंडिया ऐसे जनविरोधी फ़ैसलों का विरोध करती है और कर वृद्धि के इन प्रस्तावों को वापिस लिया जाए। साथ ही मांग किया कि वर्तमान कर वसूली बेहतर किया जाए, निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगे और चौथे वित्त आयोग की सिफ़ारिशों को लागू किया जाए ताकि नगर निगम की माली हालत सुधर सके।

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