एम एफ़ हुसैन को पहली बरसी पर ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्वांजली)

एम एफ़ हुसैन को पहली बरसी पर ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्वांजली)
दुनिया के मशहूर और रूचीकार तस्वीर बनाने वाले मक़बूल फ़िदा हुसैन को उनकी पहली बरसी के मौक़ा पर दोस्तों और ख़ैरख़ाहों ने यादगारी प्रोग्रामों के इनइक़ाद ( आयोजन) के ज़रीया ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्वांजली/ Tribute)अदा किया।

दुनिया के मशहूर और रूचीकार तस्वीर बनाने वाले मक़बूल फ़िदा हुसैन को उनकी पहली बरसी के मौक़ा पर दोस्तों और ख़ैरख़ाहों ने यादगारी प्रोग्रामों के इनइक़ाद ( आयोजन) के ज़रीया ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्वांजली/ Tribute)अदा किया।

आलमी शौहरत-ए-याफ़ता हिंदूस्तानी मुसव्विर (तस्वीर बनाने वाले) एम एफ़ हुसैन का 9 जून 2011 को इंतेक़ाल ( 95 साल की उम्र) हुआ था।

उन्होंने कई साल तक ख़त्ताती के ज़रीया अपनी डायरियों में ख़्यालात की दौलत और असासों को महफ़ूज़ किया था। इनकी एक डायरी हिन्दी अदीब कृष्णा बलदेव वेद के शख़्सी ज़ख़ीरा में दस्तयाब हुई है जिस पर रज़ा फ़ाउंडेशन के मैनेजर संजीव कुमार चौबे ने कहा कि इससे बेहतर क्या मौक़ा हो सकता है कि इस अज़ीम मुसव्विर ( तस्वीर बनाने वाले) को याद किया जाए।

रज़ा फ़ाउंडेशन के कल शाम मुनाक़िदा यादगार इजतिमा में दीगर ( अन्य) दो मुसव्विरों ( चित्रकारो) किशन कुहना और एस एच रज़ा को भी ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्वांजलि) अदा किया गया। खन्ना और रज़ा भी एम एफ़ हुसैन के साथी भी शामिल थे उन का ताल्लुक़ मुंबई के तरक़्क़ी पसंद चित्रकारो की संस्थाओ से था और एम एफ़ हुसैन भी इसके बानी अरकान में शामिल थे।

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