Sunday , July 22 2018

एयरलाइन का ऋण नहीं चुका पाने का मामला कारोबार की विफलता का परिणाम, ना कि कोई बेईमानी : माल्या के वकील

लंदन : मनी लांड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर विवादों में घिरे शराब व्यवसायी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई कल शुरु हुई। इस दौरान उनके वकीलों ने भारत की न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किये। माल्या (61) सुनवाई के चौथे दिन लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में मौजूद रहे। उनकी वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और उच्चतम न्यायालय के फैसलों पर अपनी राय देने के लिए डॉ मार्टिन लाउ को पेश किया। डॉ लाउ दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ हैं. डॉ लाउ ने सिंगापुर और हांग कांग के तीन अकादमिकों द्वारा किये गये एक अनाम अध्ययन का हवाला देते हुए सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की निष्पक्षता पर सवाल खडे किये।

माल्या उनकी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से लिए गए कर्ज को नहीं चुकाने और धोखाधडी करने के मामले में भारत में वांछित हैं. इस मामले में करीब 9,000 करोड रपये की कर्ज देनदारी शामिल है

माल्या के वकील यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि एयरलाइन का ऋण नहीं चुका पाने का मामला कारोबार की विफलता का परिणाम है ना कि यह कोई बेईमानी अथवा धोखाधडी का मामला है.

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