Saturday , August 18 2018

एयरसेल मैक्सेस में सरमाया कार की मंज़ूरी में ताख़ीर ( देर) की तरदीद

हुकूमत ने आज अपोज़ीशन के इल्ज़ामात को मुस्तर्द( रद्व्) कर दिया कि 2006 में एयरसेल । मैक्सेस में सरमाया कारी (ब्यापार)की इजाज़त देने में इस दौर के मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस पी चिदम़्बरम ने ताख़ीर( देर) की थी। हुकूमत ने कहा कि ऐसी ग़लतफ़हमी और इस मस

हुकूमत ने आज अपोज़ीशन के इल्ज़ामात को मुस्तर्द( रद्व्) कर दिया कि 2006 में एयरसेल । मैक्सेस में सरमाया कारी (ब्यापार)की इजाज़त देने में इस दौर के मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस पी चिदम़्बरम ने ताख़ीर( देर) की थी। हुकूमत ने कहा कि ऐसी ग़लतफ़हमी और इस मसला पर ग़लत मालूमात फ़राहम करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने लोक सभा में एक ब्यान देते हुए सरमाया कारी (व्यापारी) की मंज़ूरी में ताख़ीर की तरदीद की ताकि इस तनाज़ा का इख़तताम (समाप्ती) किया जा सके। उन्होंने सरमाया कारी की दरख़ास्त की तारीख़, क़तई मंज़ूरी की तारीख़ फ़राहम करते हुए कहा कि इस से साफ़ ज़ाहिर है कि तजवीज़ का तरीका-ए-कार मामूल के मुताबिक़ था और किसी ताख़ीर के बगै़र मामूल के मुताबिक़ मंज़ूरी भी दी गई थी।

3 दिन पहले अपोज़ीशन ने इल्ज़ाम आइद करते हुए कहा कि सरमाया कारी की मंज़ूरी के सिलसिला में बड़े पैमाने पर स्क़ाम किया गया है। चिदम़्बरम के इस्तीफ़ा का मुतालिबा करते हुए ऐवान पार्लीमेंट में हंगामा खड़ा कर दिया था। मौजूदा मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने इल्ज़ामात की तरदीद करते हुए कहा कि ना वो और ना उन का कोई रुकन ख़ानदान इस मुआमला में मुलव्वस है।

राज्य सभा में आज इस तनाज़ा पर ताज़ा शोर-ओ-गुल हुआ। अपोज़ीशन ने वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम पर ताज़ा इल्ज़ामात आइद किए, जिन्होंने मज़कूरा कंपनी में सरमाया कारी की मंज़ूरी देने के बारे में किसी भी ग़लती की वाज़िह तौर पर तरदीद कर दी। दरीं असना क़ाइदीन जैसे बी आर अंबेडकर का मज़ाक़ उड़ाने वाले कार्टूनों की अरकान-ए-पार्लीमेंट ने लोक सभा में शदीद ( शख्त) मुज़म्मत ( निंदा) की।

निसाबी ( स्कूली) किताबों में बी आर अंबेडकर के कार्टून शाय ( प्रदर्शित) किए गए हैं, जिसकी बिना पर हुकूमत को एन सी टी आर टी के ओहदेदारों के इस सिलसिला में अदा किए हुए किरदार के बारे में तहक़ीक़ात का तीक़न देने और उसे किसी वाक़िया ( घटना) का इआदा ना होने देने को यक़ीनी बनाने का वायदा करने पर मजबूर होना पड़ा। पार्टी ख़ुतूत से बालातर होकर अरकान-ए-पार्लीमेंट ने स्कूली निसाबी किताबों में ऐसे मवाद की शमूलीयत पर ईज़हार-ए-तशवीश किया। बी जे पी और तेलगुदेशम ने इस मौक़ा से फ़ायदा उठाते हुए मर्कज़ी वज़ीर बराए फ़रोग़ इंसानी वसाएल कपिल सिब्बल के इस्तीफ़ा का मुतालिबा भी किया। बेशतर अरकान ने ऐसी बातों की इजाज़त देने का उन्हें मुकम्मल ज़िम्मेदार क़रार दिया।

उन्हों ने कहा कि इनका इद्दिआ ये था कि ये एक साज़िश है जो सियासतदानों को बदनाम करने के लिए तैयार की गई है। हुकूमत ने अह्द किया कि एन सी टी आर टी के ओहदेदारों के इस बारे में किरदार की तहक़ीक़ात करवाई जाएगी, जिन्हों ने पोलीटिक्ल साईंस की नौवीं से बारहवीं जमात की निसाबी किताबों में ऐसे मवाद की शमूलीयत की इजाज़त दी थी

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