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एयर‌ इंडिया मस्लें की पार्लीमेंट में गूंज

नई दिल्ली । एयर‌ इंडिया के पाइलेटों की हड़ताल आज पार्लीमेंट में नुमायां तौर पर ज़ेर-ए-बहस आई(उस पर बहस हुइ) जब्कि अरकान ने बोहरान(मस्लों) की आजिलाना यकसूई(जल्दी हल निकाल्ने) का मुतालिबा करते हुए कहा कि जिस से क़ौमी एयरलाईंस तबाह होरह

नई दिल्ली । एयर‌ इंडिया के पाइलेटों की हड़ताल आज पार्लीमेंट में नुमायां तौर पर ज़ेर-ए-बहस आई(उस पर बहस हुइ) जब्कि अरकान ने बोहरान(मस्लों) की आजिलाना यकसूई(जल्दी हल निकाल्ने) का मुतालिबा करते हुए कहा कि जिस से क़ौमी एयरलाईंस तबाह होरही है और बैन-उल-अक़वामी बिरादरी को(दूसरे मूल्कों के लोगों को) ग़लत इशारे मिल रहे हैं।

लोक सभा में ये मस्ला उठाते हुए सी पी आई के गुरूदास दास गुप्ता ने मुतालिबा किया कि हुकूमत को क़ौमी एयरलाईंस के एहया(दू बारा चालु करने) की और ख़ानगी(गैर सरकारी) कंपनीयों की सरपरस्ती ख़त्म‌ करने के ठोस इक़दामात करने चाहिएं।

राज्य सभा में रामचंद्र खोंटया (कांग्रेस) ने कहा कि एयर‌ इंडिया को भारी मआशी(जिवन संबधीत) प्याकेज देने के बावजूद भी पाइलेट्स और दीगर अरकान अमला(मुलाजिमों) की तनख़्वाहें अदा नहीं की गईं और मुसाफ़िरों को संगीन मसाइल का सामना है(बहुत परेशानियां हो रहि है)। एय‌र इंडिया क़दम ब क़दम(आहिस्ता आहिस्ता) तबाह हो रहा है।

उन्हों ने हुकूमत पर ज़ोर दिया कि पाइलेटों को तलब करे(बूलाएं) और उन के मुतालिबात की यकसूई(पुरे) करे। एय‌र इंडिया तबाह नहीं होना चाहीए। अमला(मुलाजिमों) की तनख़्वाहें कई माह से अदा नहीं की गई हैं। वक़फ़ा सिफ़र के दौरान दास गुप्ता ने कहा कि हुकूमत ने पहले तो एय‌र इंडिया इंडियन एयरलाईंस का इंज़िमाम किया(मिला दीया) और अब दोनों को अलग कर रही है। उन्हों ने तंज़िया(तान के) अंदाज़ में कहा कि ये हुकूमत पालिसी की हैरतअंगेज़(अजिब व गरीब) तब्दीली(बद्लाव) है।

उन्हों ने इल्ज़ाम आइद किया(लगाया) कि एय‌र इंडिया का तहफ़्फ़ुज़(हिफाजत) करने के बजाए ख़ानगी कंपनीयों की सरपरस्ती की जा रही है। एय‌र इंडिया के अहया(दुबारा चलाने) के ठोस इक़दामात किए जाने चाहिएं। सी पी आई एम क़ाइद(लिडर) बासू देब आचार्य ने मर्कज़ी वज़ीर शहरी हवा बाज़ी अजीत सिंह से ख़ाहिश की जो एवान में मौजूद थे, के इन मुतालिबात का जवाब दें। एवान-ए-बाला में खोंटया ने कहा कि बार बार हड़तालों से एक ख़राब माहौल पैदा हो रहा है और बैन-उल-अक़वामी बिरादरी को(दूसरे मूल्कों के लोगों को) क़ौमी एयरलाईंस के बारे में ग़लत इशारे पहुंच रहे हैं।

उन्हों ने कहा कि टैक्स दहिंदा(देने वालों) की रक़म एय‌र इंडिया को चलाने के लिए दी गइ, लेकिन एय‌र इंडिया का शोबा एच आर सूरत-ए-हाल की यकसूई से क़ासिर(मस्लें हल करने में नाकाम)रहा और पाइलेटों ने हड़ताल शुरू करदी।

उन्हों ने कहा कि यूनीयन की मुस्ल्लिमा हैसियत ख़त्म‌ करदेना और पाइलेटों को मुअत्तल(सस्पेंड) करदेना मुस्तक़िल(कोइ) हल नहीं है। मस्लें की तवील मुद्दती यकसूई की जानी(बडा हल निकाला जाना)चाहीए। उन्हों ने सवाल किया कि क्या हड़ताल पाइलेट्स की ग़लती से हुई है या एय‌र इंडिया का शोबा एच आर ज़िम्मेदार है।

इस मस्ले पर बाएं बाज़ू और बी जे पी के कई अरकान अपनी नशिस्तों से उठ कर खड़े होगए।

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