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एल्लारेड्डी के देहातों को बस की सहूलत नहीं

य‌लारेडी,15 जनवरी: ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) एल्लारेड्डी मंडल के दस देहातों में आर टी सी बसों की सहूलत के ना होने पर मुख़्तलिफ़ दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। ख़वातीन और तालिबात को काफ़ी मुश्किलात पेश आ रहीं हैं। अवाम ख़ानगी गा

य‌लारेडी,15 जनवरी: ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) एल्लारेड्डी मंडल के दस देहातों में आर टी सी बसों की सहूलत के ना होने पर मुख़्तलिफ़ दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। ख़वातीन और तालिबात को काफ़ी मुश्किलात पेश आ रहीं हैं। अवाम ख़ानगी गाड़ियों में सफ़र करने पर मजबूर हैं। सड़कें बेहतर होने पर भी आर टी सी महिकमा मुताल्लिक़ा ओहदेदार इधर अवाम की सहूलतें फ़राहम करना ज़रूरी नहीं समझते।

दिहाती अवाम का कहना है कि इस मसले को कई मर्तबा मुताल्लिक़ा ओहदेदारों से कहने के बावजूद कोई इक़दाम ना किया गया। रोज़मर्रा ज़िंदगी के लिए ज़रूरी सामान के लिए रोज़ाना एल्लाड्रेडी का रुख़ करने वाले अवाम और तालीम हासिल करने वाले कई तलबा बसों की अदम सहूलत पर रोज़ाना पैदल सफ़र तए करते हैं।

ख़ानगी गाड़ियों की भी कुछ देहातों में सहूलत ना होने पर बच्चे तालीम से दूर रह रहे हैं और कुछ दिहात‌ ज़रूरत से ज़ाइद मुसाफिरीन को भर कर मंडल तक ले जाते हैं जो ख़तरे से ख़ाली नहीं। एल्लारेड्डी से कलवानी मौज़ा को बीटी रोड डाली गई। इस तरह अड़वी लनगाल, गिंडी मासाई पेट, कुत्तापल्ली, भकनोर, मेसन पल्ली, तमा रेड्डी , सर मारपीट, तमारेड्डी तांडा, को कुंडा और लिंगा रेड्डी पेट इस के अलावा कुछ और देहातों को आर टी सी बस की सहूलत ना होने से अवाम को शदीद मुश्किलात से गुज़रना पड़ रहा है।

रात के वक़्त ख़ानगी गाड़ियां भी ना होने पर पैदल देहात‌ का रुख़ करने के लिए ख़ौफ़ खा रहे हैं और किसी भी दूसरे मुक़ाम को अगर ये जाएं तो शाम होने से क़बल वापिस होना ज़रूरी होगया है। एल्लारेड्डी से किसी भी मौज़ा को पाँच कीलोमीटर का फ़ासला है जिसे तए करने के लिए ज़्यादा तर ख़वातीन-ओ-लड़कियों को दुशवार होचुका है । मुताल्लिक़ा ओहदेदार जलद अज़ जल्द इस मसले को हल करते हुए दिहातों की अवाम को राहत पहुंचाए।

हुकूमत ने बसों पर सुनहरे अलफ़ाज़ में तहरीर तो करदिया लेकिन उसे देहात के लिए चलाना शाय‌द भूल गई। इस तरह के रवैय्या से ही अवाम शहरों का रुख़ कर रही है। अदम सहूलतों की वजह से ही गांव‌ ख़ाली हो रहे हैं जो मुस्तक़बिल के लिए ठीक नहीं।

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