एस्ट्रो टर्फ़ पिचस हिंदुस्तानी हाकी के लिए फ़ाइदाबख्श: बलबीर सिंह

एस्ट्रो टर्फ़ पिचस हिंदुस्तानी हाकी के लिए फ़ाइदाबख्श: बलबीर सिंह
हिंदुस्तान के अफ़सानवी हाकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनिय‌र ने कहा है कि टीम की नाकामियों के लिए एस्ट्रो टर्फ़ पिच को ज़िम्मेदार क़रार देना दरुस्त नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह का मिसाल‌ सिर्फ़ खराब‌ मुज़ाहरे को छिपाने की कोशिश होगी क

हिंदुस्तान के अफ़सानवी हाकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनिय‌र ने कहा है कि टीम की नाकामियों के लिए एस्ट्रो टर्फ़ पिच को ज़िम्मेदार क़रार देना दरुस्त नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह का मिसाल‌ सिर्फ़ खराब‌ मुज़ाहरे को छिपाने की कोशिश होगी कि उनके ख़्याल में एस्ट्रो टर्फ़ पिचस हिंदुस्तानी खिलाड़ियों के लिए फ़ायदेमंद साबित होती है।

अक्सर-ओ-बेशतर टीम की नाकामियों के लिए एस्ट्रो टर्फ़ पिचस को ज़िम्मेदार क़रार देने का रुजहान आम होता जा रहा है। बलबीर सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो इस ख़्याल से इत्तिफ़ाक़ नहीं करते कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान को वर्ल्ड हाकी में सिर्फ़ इस लिए अपने मुक़ाम से महरूम होना पड़ा है कि एस्ट्रो टर्फ़ पिचस बिछाई जा रही हैं।

दोनों टीमें हालाँकि शुरु में इस पर बहुत कामयाब रही थीं। बलबीर ने कहा कि ये मिसाल खराब‌ मुज़ाहरा को छिपाने की कोशिश के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका ख़्याल तो ये है कि एस्ट्रो टर्फ़ की पिचस दोनों टीमों के लिए साज़गार साबित होती है। 90 साला बलबीर सिंह सीनिय‌र ने कहा कि जो तब्दीलियां खेल में लाई गई हैं वो खेल की बेहतरी के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे वक़्तों में गेंद पर कंट्रोल करना बहुत मुश्किल था और एक मसला था। हालात उस वक़्त बहुत मुश्किल थे कि घास के मैदानों पर मैच खेला जाता था। अब मैदान इंतिहाई अच्छा होता है और गेंद ख़ुद आजाती है। ऐसे में गेंद पर कंट्रोल करना बहुत आसान होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में खेल की रफ़्तार भी बहुत ज़्यादा होगई है कि इस में रुकावटें बहुत कम होगई हैं।

रैफ़रीज़ किसी मरहला पर भी खेल को जारी रखने की हिदायत दे सकते हैं और खेल में तेज़ी बरक़रार रहती है। लोग तेज़ रफ़्तार और मुसलसल खेल देखना चाहते हैं ऐसे में ये खेल के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा कि अब ये एक मुंसिफ़ाना खेल है। हिंदुस्तानी खिलाड़ियों के लिए हालात बहुत अच्छे हैं और अगर खिलाड़ियों में सलाहियत होती है तो वो अपोज़ीशन के दो ता तीन डे फेंड्र्स को मात देते हुए आगे बढ़ने और फिर गोल शूट करने में कामयाब होसकते हैं। ये अच्छी सूरत-ए-हाल है जिस से हिंदुस्तानी खिलाड़ी फ़ायदा उठा सकते हैं।

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