एहितजाजी मुज़ाहिरों के दौरान सहाफ़ी भी पुलिस की ज़द में आ जाते हैं: उमर अबदुल्लाह

एहितजाजी मुज़ाहिरों के दौरान सहाफ़ी भी पुलिस की ज़द में आ जाते हैं: उमर अबदुल्लाह
नई दिल्ली, ०३ दिसम्बर ( पी टी आई ) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उम्र अबदुल्लाह ने आज प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया से ख़ाहिश की है कि वो एक ऐसा ज़ाबता अख़लाक़ तशकील दे जिस के तहत वो सहाफ़ी जो मुख़्तलिफ़ एहितजाजी मुज़ाहिरों का अहाता करते हैं उन्हें मुश

नई दिल्ली, ०३ दिसम्बर ( पी टी आई ) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उम्र अबदुल्लाह ने आज प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया से ख़ाहिश की है कि वो एक ऐसा ज़ाबता अख़लाक़ तशकील दे जिस के तहत वो सहाफ़ी जो मुख़्तलिफ़ एहितजाजी मुज़ाहिरों का अहाता करते हैं उन्हें मुश्तइल एहितजाजियों और पुलिस के ग़म-ओ-ग़ुस्सा का निशाना ना बनाया जा सके ।

याद रहे कि मिस्टर अबदुल्लाह को प्रैस कौंसल आफ़ इंडिया (PCI) के सदर नशीन मर कंडे काटजू ने एक मकतूब तहरीर किया था जिस में रियासत में रौनुमा हुए एक वाक़िया का तज़किरा किया गया था जिस का अहाता मुख़्तलिफ़ सहाफ़ी कर रहे थे ।

उन्होंने बादअज़ां शिकायत की थी कि पुलिस और नियम फ़ौजी दस्तों ने उन्हें तशद्दुद का निशाना बनाया था । अपने मकतूब में उन्हों ने आगे तहरीर करते हुए कहा कि अगर सहाफ़ीयों पर पुलिस और नियम फ़ौजी दस्तों ने परतशद्दुद कार्रवाई की है तो इस सूरत में PCI उन के (पुलिस ) ख़िलाफ़ फ़ौजदारी का मुआमला दर्ज करेगी ।

जिस के बाद मिस्टर काटजू के मकतूब का जवाब देते हुए उमर अबदुल्लाह ने कहा कि वो इन एहसासात को बख़ूबी समझते हैं लेकिन ये कहने में उन्हें कोई पस-ओ-पेश नहीं कि पुलिस या नियम फ़ौजी दस्ते सहाफ़ीयों को क़सदन निशाना नहीं बनाते । हमारे लिए ये कहना आसान होता है कि पुलिस को ये करना चाहीए और वो नहीं करना चाहीए ।

फ़लां हरकत ठीक थी फ़लां हरकत ग़ैर मुनासिब थी वग़ैरा । हम चूँकि इस मुक़ाम पर मौजूद नहीं होते जहां पुलिस को अपनी कार्यवाहीयां अंजाम देनी पड़ती हैं । एक ऐसे वक़्त जब हर तरफ़ से संगबारी होरही हो और आँसू गैस के शैलज़ दागे़ गए हूँ उस वक़्त पुलिस के लिए इतनी फ़ुर्सत कहां होती है कि वो सहाफ़ीयों और आम आदमीयों में तमीज़ करसकें। हर वो शख़्स जो कैमरे के साथ होता है , सहाफ़ी नहीं होता ।

इसी तरह जब हालात और सूरत-ए-हाल क़ाबू से बाहर होजाती है तो गेहूं के साथ घिन भी पिस जाता है और ऐसा करने में सहाफ़ी भी पुलिस की ज़द में आजाते हैं । वज़ीर-ए-आला ने कहा कि बर्तानिया जैसे ममालिक में एहितजाजी मुज़ाहिरों और दीगर परतशद्दुद वारदातों का कवरेज करने वाले सहाफ़ीयों केलिए अलहदा ज़ाबता अख़लाक़ मौजूद है ।

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